
68 साल पुराना साथ छूटने का दर्द वे सहन नहीं कर सके और पत्नी की मौत के महज 17 घंटे बाद 17 फरवरी की ही रात 9 बजे उन्होंने भी दुनिया छोड़ दी। परिजन ने 18 फरवरी की सुबह उनका भी अंतिम संस्कार कर दिया। अब पति-पत्नी की मौत के बाद अंतिम संस्कार के बाद की सभी क्रियाएं साथ हो रही हैं।
बेटे ने कहा कि मांं ने कहा था कि पिताजी भी साथ जाऐगें
उनके बेटे चंदन सिंह लोधी बताते हैं कि मां रामको बाई, को 16 फरवरी की रात ही अंतिम समय का अहसास हो गया था। उन्होंने पूरे परिवार को बुलाकर कहा था कि सुबह तक मैं चली जाऊंगी और पीछे से तुम्हारे पापा भी आ जाएंगे।
17 फरवरी की सुबह 4 बजे उनका देहांत हो गया। इसके बाद रात 8 बजे पिताजी नारायण लोधी, ने अपने पूरे परिवार को इकट्ठा किया और कहा कि अब वे भी जा रहे हैं। उन्होंने एक गिलास दूध और पानी मांगा। इसके बाद उन्होंने दूध पिया और रात 9 बजे प्राण त्याग दिए।