पोहरी। जिले केे पोहरी क्षेत्र के किसान इन दिनों भावांतर योजना की भूलभुलैया में भटक रहे हैं किसानों को एमडी एमपी फूड विभाग की ओर मोबाईल पर मैसेज तो आये परंतु किसानों के आवेदनों का सत्यापन सहाकरी संस्थाओं के द्वारा नहीं किया गया जिसके कारण कई किसान आज भी आवेदन करने के बाद भटकने को मजबूर हो गये हैं। जानकारी के अनुसार क्षेत्र के कई किसानों ने अपने आवेदनों को दिखाते हुए बताया कि खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग भावांतर भुगतान योजनांतर्गत सम्मिलित फसलों एवं धान मोटा अनाज के उपार्जन हेतु किसान आवेदन फार्म वर्श 2017-18 के तहत पंजीयन कराया गया थे।
परंतु जब पंजीयन कराने सहकारी संस्थाओं पर गये तो वहां से लिंक न होने का कहकर किसानों को भगा दिया गया, जिन किसानों का सत्यापन नहीं हो सका उन्हे इस योजना का लाभ नहीं दिया जा रहा है। अब जब इस संदर्भ में सहकारी बैंक, सहकारी समितियों और एनआईसी के अधिकारियों से चर्चा की गई तो उन्होने भी तारीख निकलने की बात कह कर अपना पल्ला झाड लिया जबकि हजारों किसान पंजीयन कराने के बाद भी इस योजना का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं।
अमरसिंह यादव पुत्र बादाम सिंह निवासी जाखनौद, सेवक धाकड़ बीलबराकला, गोन्दी आदिवासी भैंसरावन, दिनेष धाकड दुल्हारा, षिवकुमार वर्मा नानौरा आदि ने बताया कि वह भी पंजीयन कराने के बाद अपनी फसल को मण्डी में बेचने ले गये परंतु उनका पंजीयन मण्डी द्वारा अमान्य कर दिया गया जिससे उन्हे भावांतर योतना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।


प्रतिक्रियाएं मूल्यवान होतीं हैं क्योंकि वो समाज का असली चेहरा सामने लातीं हैं। अब एक तरफा मीडियागिरी का माहौल खत्म हुआ। संपादक जो चाहे वो जबरन पाठकों को नहीं पढ़ा सकते। शिवपुरी समाचार आपका अपना मंच है, यहां अभिव्यक्ति की आजादी का पूरा अवसर उपलब्ध है। केवल मूक पाठक मत बनिए, सक्रिय साथी बनिए, ताकि अपन सब मिलकर बना पाएं एक अच्छी और सच्ची शिवपुरी। आपकी एक प्रतिक्रिया मुद्दों को नया मोड़ दे सकती है। इसलिए प्रतिक्रिया जरूर दर्ज करें।