शिवपुरी। जेएमएफसी न्यायालय की न्यायाधीश सुश्री कामिनी प्रजापति द्वारा चैक बाउंस के मामले की सुनवाई करते हुए साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोष सिद्ध पाते हुए छह माह की सजा एवं तीन लाख रुपए प्रतिकर से दण्डित किया है। परिवादी की ओर से पैरवी अभिभाषक गजेन्द्र सिंह यादव द्वारा की गई। अभियोजन की कहानी के अनुसार परिवादी भारत भूषण भार्गव पुत्र बीपी भार्गव निवासी छत्री रोड शिवपुरी से आरोपी अंकित खण्डेलवाल पुत्र विपिन खण्डेलवाल निवासी जानकी बिहार खिन्नीनाका शिवपुरी ने अपनी पारिवारिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए उधार ऋण के रूप में 3 लाख रुपए लिए थे जिसके ऐवज में आरोपी ने परिवादी को अपने खाते का एक चैक जो की भारतीय स्टेट बैंक माधवचौक शिवपुरी का था, भुगतान हेतु दिया था और नियत दिनांक को उक्त चैक भुगतान अपने खाते में प्रस्तुत करने की बात कही।
जब परिवादी ने उक्त चैक को जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्या. शाखा शिवपुरी में अपने खाते में लगाया तो बैंक द्वारा अपर्याप्त राशि की टीप के साथ वापस कर दिया। परिवादी ने उक्त चैक बाउंस होने की सूचना अभिवक्ता गजेन्द्र सिंह यादव के माध्यम से आरोपी को रजिस्टर्ड डाक से भेजी। सूचना प्राप्त होने के बाद भी आरोपी ने उक्त राशि का भुगतान नहीं किया, इसके बाद परिवादी भारत भूषण ने अपने अभिवक्ता गजेन्द्र सिंह यादव के माध्यम से परिवाद पत्र उक्त राशि प्राप्त करने एवं आरोपी को दण्डित के उद्देश्य से न्यायालय में प्रस्तुत किया। माननीय न्यायालय ने दोनों पक्षों के साक्ष्यों के विवेचन उपरांत अंकित खण्डेलवाल को धारा 138 परक्राम्य लिखित अधिनियम का दोषी पाते हुए आरोपी को 6 माह का सश्रम कारावास एवं तीन लाख रुपए प्रतिकर दिए जाने का निर्णय पारित किया।

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