शिवपुरी। तेंदुआ थाना क्षेत्र के ग्राम कुदोंनिया के पूर्व मंडल अध्यक्ष स्व. लक्ष्मण सिंह की बहू सुरूचि की विगत 21 अगस्त की रात्रि संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी जिसकी पुलिस ने जांच की तो उसमें ज्ञात हुआ है कि सुरूचि का संपत्ति को लेकर उसकी चार नंदों, नंदेऊ और सास से विवाद हुआ था। उक्त संपत्ति उसके दिवंगत ससुर लक्ष्मण सिंह ने बहू के नाम वसीयतनामा तैयार कराकर कर दी थी जिस कारण सभी आरोपी उससे ईष्र्या रखते थे और उसे आए दिन प्रताडि़त करते थे जिससे तंग आकर उसने जहर खा लिया था। पुलिस का कहना है कि मृतिका के भाई ने आरोपियों पर आरोप लगाया था कि उसकी मारपीट करके उसे जबरन जहर खिलाकर हत्या की। जिसकी पुलिस जांच कर रही है। फिलहाल मामले में सभी 6 आरोपियों के खिलाफ भादवि की धारा 306, 34 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर लिया है।
विदित हो कि विगत 21 अगस्त मंगलवार की रात्रि सुरूचि पत्नि लोकेंद्र ठाकुर उम्र 38 वर्ष को गंभीर हालत में इलाज के लिए ससुरालीजन शिवपुरी अस्पताल लाए थे जहां उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई थी। मृतिका के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान थे और उसकी आंख फूटी हुई थी जिस पर मृतिका के भाई ब्रजेंद्र ने उसके ससुरालीजनों पर हत्या का आरोप लगाया था।
इस कारण पुलिस ने मामले को संदिग्ध मानकर मर्ग कायम कर लिया था और उसकी जांच तेंदुआ थाना प्रभारी रविंद्र सिंह सिकरवार ने की जिसमें यह तो स्पष्ट हो गया कि मृतिका का घटना से एक दिन पूर्व ससुर की तेरहवीं के दिन आरोपी ननद सुमन कुंवर उर्फ तबरबाई, राजकुमारी, विजयलक्ष्मी, हेमा कुंवर और सुमन के पति सतेंद्र सिंह व सास सुशीला कुमार से संपत्ति को लेकर विवाद हुआ था और उस दौरान आरोपीगणों और मृतिका के बीच मारपीट भी हुई थी। वहीं दूसरे दिन उसकी जहर खाने से मौत हो गई।
ससुर ने मृत्यु से पूर्व ही मृतिका के नाम पूरी संपत्ति वसीयत लिखी
मृतिका सुरूचि के दिवंगत ससुर लक्ष्मण सिंह कुदोनिया भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष थे और उनकी क्षेत्र और पार्टी में अच्छी छवि थी। वह अपनी बहू सुरूचि से बहुत लगाव रखते थे जिस कारण मृत्यु से पूर्व उन्होंने पूरी संपत्ति की वसीयत सुरूचि के नाम लिख दी थी। जिससे मृतिका की सास और ननदें काफी नाराज थीं और लक्ष्मण सिंह की मृत्यु के तेरहवें दिन आयोजित तेरहवीं कार्यक्रम में सभी रिश्तेदार एकत्रित हुए थे। वहीं आरोपीगण भी आए हुए थे जिनका कार्यक्रम के बाद संपत्ति को लेकर विवाद हुआ था।
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