दो लाख रूपए में बना रहा था निर्विरोध अध्यक्ष, रिश्वत लेते लोकायुक्त ने दबौचा

शिवपुरी। आज लोकायुक्त पुलिस ने करैरा में सिंचार्ई विभाग के सब इंजीनियर जीपी राजे को 25 हजार रूपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। लोकायुक्त टीम ने जब इंजीनियर के हाथ धुलवाए तो उसके हाथ लाल हो गए। रिश्वती सब इंजीनियर ने फरियादी अंकित लोधी से उसके पिता रायसिंह लोधी को जल उपभोक्ता समिति बडेरा के अध्यक्ष निर्वाचित किए जाने के एवज में दो लाख रूपए की मांग की थी और वह इसके पूर्व 40 हजार रूपए रिश्वत ले चुका था। इस आशय की रिकॉर्डिंग भी लोकायुक्त पुलिस के पास है।

लोकायुक्त टीम का नेतृत्व कर रहे इंस्पेक्टर कबिन्द्र सिंह चौहान ने बताया कि फरियादी अंकित लोधी ने लोकायुक्त एसपी को बताया कि सिंचार्ई विभाग का सब इंजीनियर जीपी राजे उससे रिश्वत मांग रहा है। रिश्वत के रूप में उसकी मांग दो लाख रूपए थी। जिसमें से वह 40 हजार रूपए पूर्व में दे चुका है और इसकी रिकॉर्डिंग भी एसपी को बतार्ई। 

इस पर आरोपी को पकडऩे के लिए लोकायुक्त एसपी अमित सिंह ने टीम का गठन किया। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आज फरियादी ने सुबह सबइंजीनियर जीपी राजे के महुअर कॉलोनी निवास पर जैसे ही उसे रिश्वत दी वैसे ही लोकायुक्त पुलिस ने उसे धर दबोचा। लोकायुक्त की टीम में इंंस्पेक्टर कविन्द्र सिंह चौैहान, इंस्पेक्टर राजीव गुप्ता, उप निरीक्षक सुरेश कुशवाह और आरक्षक जसवंत शर्मा, हेमंत शर्मा एवं अंकित शर्मा शामिल थे।  



ये हैं रिश्वत लेने का पूरा मामला 
फरियादी अंकित लोधी ने बताया कि जल उपभोक्ता संस्था बडेरा के अध्यक्ष पद का चुनाव विगत 28 मई को संपन्न हुआ था। इस चुनाव में उसके पिता रायसिंह लोधी भी मैदान में थे। चुनाव के कुछ दिन पूर्व सब इंजीनियर राजे ने उसे मोबाईल किया और कहा कि वह उसके पिता रायसिंह लोधी को निर्विरोध निर्वाचित करा देगा, लेकिन इसके बदले में उसे दो लाख रूपए देने होंगे। 




सब इंजीनियर की बातों में आकर अंकित लोधी ने उसे 40 हजार रूपए प्रथम किस्त के रूप में दे दिए परन्तु सबइंजीनियर ने कोई सहायता नहीं की लेकिन चुनाव में रायसिंह लोधी जीत गए। बताया जाता है कि चुनाव जीतने के बाद भी सब इंजीनियर की मांग जारी रही। लेकिन अंकित लोधी ने इसके बाद में उसेे भुगतान नहीं किया।



जिससे चिडक़र सबइंजीनियर ने पूर्ववर्र्ती अध्यक्ष के कार्र्यो को तेजी से कराना शुरू कर दिया और भुगतान भी करना प्रारंभ कर दिया। जब अंकित लोधी ने इसका विरोध किया तो सब इंजीनियर ने कहा कि जब तक वह उसका पूर्व भुगतान नहीं करेगा तब तक उसके पिता को इसी तरह से परेशान होना पड़ेगा। इसके बाद 25 हजार रूपए की दूसरी किस्त देने का तय हुआ और यह रिश्वत लेते हुए सब इंजीनियिर को गिरफ्तार कर लिया गया। 



अटैची लेकर भाग निकला एक कर्मचारी?
सूत्र बताते हैं कि लोकायुक्त पुलिस ने जब सब इंजीनियर के घर से उसे रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया उस समय सिंचार्ई विभाग के कुछ कर्र्मचारी भी उसके घर में जमे हुए थे तथा चैैक बनाए जा रहे थे। बैग में रूपए भी रखे हुए थे। जैसे ही लोकायुक्त की टीम ने छापा डाला एक कर्मचारी अटैची लेकर भाग निकला। हालाकि लोकायुक्त टीम ने इस खबर की पुष्टि नहीं की है। 
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