शिवपुरी। जिले में पर्यटन की अपार संभावना है। इसी संभावना को तलाशने आए पर्यटन विभाग के सचिव हरिरंजन राव ने पर्यटन की दृष्टि से मढ़ीखेड़ा डेम का अवलोकन किया।
उन्होंने मढ़ीखेड़ा में स्थित टापूओं पर पहुंचे और उन टापूओं को टूरिज्म के उद्देश्य से विकसित करने पर भी चर्चा की। बताया जा रहा है मढ़ीखेडा डेम में लबालब पानी भरा रहता है और डूब क्षेत्र में आए पहाड दूर से टापू नुमा दिखते है। इन पहाडो पर टूरिज्म को बढावा दिया जा सकता है। इन टापूओ पर होटल बनाए जा सकते है।
पर्यटन को पंसद करने वाले लोग जो ऐसे विदेशो में टापूओ की सैर करने जाते है। जहां खडे होकर देखे तो चारो ओर पानी-पानी नजर आए,ऐसे लोगाो को अब विदेश नही जाना पडेगा।
अगर मढ़ीखेड़ा डेम के टापूओ पर ऐसे किस होटल का निर्माण हो जाए तो शिवपुरी के पर्यटन में चार चांद लग सकते है और विदेशी सैलानियो की भी तादाद बड सकती है। मढ़ीखेडा डूब क्षेत्र में ऐसे कई टापू है जिन पर शानदार होटलो का निर्माण किया जा सकता है।
अभी तो केवल इन टापूओ पर पर्यटन विभाग के सचिव हरिरंजन राव ने सिर्फ विकसित करने की बात कही है। लेकिन अगर ऐसा होता है शिवपुरी का टूरिजम में एक नया नाम मिल सकता है।
सचिव हरिरंजन राव ने मढ़ीखेडा डेम पर जनसंसाधन विभाग के भवन को जिसका उपयोग रेस्टोरेंट के रूप में किया जा सकता है, इसके लिए एमपी टूरिज्म को तीन माह में शुरू करने के निर्देश दिए।
पर्यटन सचिव ने जिला मुख्यालय पर कलेक्ट्रेट बिल्डिंग का भी अवलोकन किया। इस दौरान कलेक्टर ओमप्रकाश श्रीवास्तव, अनुविभागीय दण्डाधिकारी रूपेश उपाध्याय, पर्यटन विभाग के क्षेत्रीय प्रबंधक आदि उपस्थित थे।