कोलारस। 15 अगस्त 1947 वह दिन जब हिंदुस्तान अंग्रेजी की गुलामी की जंजीरों को तोडक़र आजाद हुआ था। राष्ट्रीय ध्वज-तिरंगा भारत के राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है। तिरंगे पर हर भारतीय को दिल गर्व है। तिरंगे की शान को बरकरार रखने के लिए हर भारतीय अपनी जान को दांव पर लगा देता है। हर स्वतंत्रता दिवस पर हर भारतीय प्रधानमंत्री लालकिले से झंडा फहराते हैं। भारतीय ध्वज तिरंगा संहिता-2002 में सभी नियमों, रिवाजों, औपचारिकताओं और निर्देशों को एक साथ लाने का प्रयास किया गया है। ध्वज संहिता-भारत के स्थान पर भारतीय ध्वज संहिता-2002 को 26 जनवरी 2002 से लागू किया गया है।
ध्वज सहिंता में साफ शब्दो में लिखा गया है। कि जब भी तिरंगा फहराया जाए तो उसे स मानपूर्ण स्थान दिया जाए। उसे ऐसी जगह लगाया जाए। जहां से वह स्पष्ट रूप से दिखाई दे। सरकारी भवन पर तिरंगा रविवार और अन्य छुट्टियों के दिनों में भी सूर्योदय से सूर्यास्त तक फहराया जाता है। तिरंगे को सदा स्फूर्ति से फहराया जाए और धीरे-धीरे आदर के साथ उतारा जाए।
लेकिन कोलारस विधानसभा क्षेत्र के बदरबास विकासखण्ड के ग्राम बदरवास जनपद पंचायत अंर्तगत आने वाली ग्राम पंचायत बिजरौनी में गणतंत्र दिवस के दिन पंचायत भवन पर बडे आन-बान-शान से झंडा वंदन किया गया और इस देश के गौरव के प्रतीक तिरंगें को सलामी दी गई थी। लेकिन इसके बाद इस ग्राम पंचायत का सचिव संदीप यादव और सरपंच जयपाल सिंह यादव इस झंडे को उतारना भूल गए। आज दिनांक तक इस झंडे को फहरते हुए 38 दिन हो गए। बताया गया है कि जब यह झंडा अपने आप कचरे के ढेर में गिर गया।
इसके बाद इस झंडे को गिरा देख ग्रामीणो ने इस तिरंगें के अपमान की याद आई और खबर शिवपुरी समाचार डॉट कॉम तक पहुंची तो शिवपुरी समाचार डॉट कॉम की टीम इस गांव में पहुॅची। इस गांव तक पहुंचे तो एक युवक इस झंडे को बडी ही बेदर्दी से खींचता हुआ भागता हुआ दिखाई दिया इस दृश्य को कैमरो ने कैद भी किया हैं।
मामले को आपसी रंजिश का हो या लापरवाही का लेकिन अपमान को अपमान ही कहा जाएगा
जब इस पूरे मामले पर जिला कलैक्टर से बात कि गई तो जांच के लिए कोलारस एसडीएम आरके पांडे से बात करने को कहा गया। लेकिन कोलारस एसडीएम आरके पांडे ने इस पूरे मामले पर कहा आप जो मामला बता रहे है उसमें झण्डा नया है जो कि किसी ने रंजिशन फैंका है। हमने पुलिस को सूचित कर दिया है अब आप बता रहे है कि झण्डे को कोई खींच कर भाग रहा है तो आप मुझे वीडियो भेंजें में मामले को दिखबाता हूॅ। और राष्ट्रीय ध्वज को सस मान हमने उतरवा लिया है।
इस मामले पर कोलारस एसडीएम रंजिशन किसी को फंसाने कि बात कह रहे है। और स मान सहित उतरवाने कि बात भी रहे है। लेकिन इस घटना का जो वीडियो सामने आया है। वह तो कुछ और ही कहानी बयान कर रहा है। इस वीडियो में एक व्यक्ति किस बेकर्दी के साफ वीडियो फुटेज में तीरंगे को खींचकर भागते हुए दिखाई दे रहा है। इस घटना के बाद आज तक कोई भी कार्यवाही नहीं होना एसडीएम के ऊपर सबाल खड़े कर रही है।