शिवपुरी। आज से 4 साल पूर्व शहर के हैप्पीडेज स्कूल के कक्षा 6 के छात्र उत्सव गोयल का अपहरण फिरौती वसलूने के उद्देश्य से किया गया था। उत्सव का अपहरण कर अपहरणकर्ताओ ने उसकी निर्मम हत्या कर दी थी। इस मामले में आज तक उत्सव हत्याकांण्ड का मुख्य आरोपी फरार है। पुलिस इस अपराधी को आज तक गिरफ्तार नही कर सकी,यह सवाल आज तक चौराहे पर खडा है इस कारण हम शर्मसार है।
इस मामले में विशेष न्यायाधीश कमर इकबाल खांन ने पकडे गए दो दोशियों अकील पुत्र बकील खांन निवासी सईसपुरा और फिरोज पुत्र बाबू खान निवासी चनाबनी खोड़ को उम्र केद की सजा सुनाई है। मगर चार साल बाद भी इस हत्याकाण्ड का तीसरा मुख्य आरोपी शाकिर अभी तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। इस कारण हम शर्मसार है।
पुलिस के लिए चुनौती बने इन दौनों बदमाशों ने अपने तीसरे साथी शाकिर के साथ इस हत्याकांण्ड को अंजाम दिया था। शाकिर अब भी फरार है। उसके शिर पर पुलिस ने 25 हजार का इनाम घोषित कर रखा है। मगर 25 हजारी बदमाश की गिरफ्तारी के लिए जिस तरह के प्रयास अब तक होने थे वे कही से कही तक नजर नहीं आ रहे है।
विदित हो कि गत 2 मार्च 2013 को उत्सब का घर से कोंचिंग जाते समय स्कूल बस के चालक अकील खांन ने फिरोती बसूलने की नियत से अपहरण कर लिया था। उसके बाद उत्सव के माता पिता से फोन कर फिरौती की मांग की। मामला तूल पकडने के बाद जब तलाश में जुटी तो अकील ने अपने दो और साथियों फिरोज व शाकिर के साथ मिलकर उत्सब की हत्या कर दी।
उत्सव गोयल की हत्या के बाद लगभग दो साल तक चले केश में चालीस से ज्यादा गवाहों के बयान हुए थे। उत्सव के चाचा भूपेन्द्र गोयल का कहना है कि शिवपुरी में रहते हुए उनके भाई कमल को अपने पुत्र की याद आती है। बार बार इस केश का परिदृश्य याद आने से वह दुखी हो जाते थे। इसलिए वह शिवपुरी छोडक़र इंदौर में रहने चले गए है।
उत्सव का शव मिलने के बाद न सिर्फ शहर वासियों के आक्रेाश ने जगह जगह आगजनी की बल्कि उपद्रव व तोड़ फोड की गई। तब प्रशासन को पब्लिक को कंट्रोल करने के लिए धारा 144 लगानी पड़ी थी। शहर के सेकड़ौ लोगों पर मामले दर्ज किए गए थे। इतना सब होने के बावजूद उत्सव का तीसरा हत्यारा 25 हजार का इनामी शाकिर किस माद में छुपा है। इसकी सुध लेने बाला कोई नजर नही आ रहा है।