शिवपुरी। देश के प्रधानमंत्री डिजीटल इंडिया का सपना देख रह है,देश को कैशलेश का संदेश दे रहे है। गांवो में बसने वाले इस देश के गांव तो अभी अपनी मूल-भूत सुविधाओ के लिए तरस रहे है। कैसे होगा डिजीटल इंडिया और केशलेस इंडिया। यह बात एक रिटायर्ड पुलिसकर्मी और ग्रामीणो ने पीएम को पत्र लिखकर संज्ञान में लाने का प्रयास किया है।
शिवपुरी के विधानसभा क्षेत्र पिछोर के ग्राम केमखेड़ा में निवास करन वाले सेवानिवृत पुलिस कर्मी (एस.आई.)देवेन्द्र सिंह चौहान को इन मूलभूत समस्याओं ने हिलाकर रख दिया और उन्होंने अपने ग्राम की वस्तुस्थिति से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सहित देश के मंत्रियो और प्रदेश के सीएम सहित शिवपुरी डीएम को एक पत्र लिखकर अपने गांव की समस्याओ से आजादी की मांग की है।
यह लिखा देश के पीएम के नाम पत्र में
प्रधानमंत्री व केन्द्रीय गृहमंत्री सहित अन्य मंत्रियों और प्रदेश के सीएम को लिखे पत्र में ग्राम केमखेड़ा के सेवानिवृत्त पुलिस कर्मी देवेन्द्र सिंह चौहान ने बताया कि आजाद हुए भारत वर्ष को 57 वर्ष हो गए है लेकिन आज भी ग्राम केमखेड़ा के रहवासी सडक़, बिजली व पानी जैसी मूलभूत आवश्यकताओ को तरस रहे है।
छोटी सी आबादी वाला यह गांव तब चर्चा में आया था जब इन सभी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए ग्रामीण जनों ने लोकसभा चुनाव का बहिष्कार तक कर दिया था तब महज आश्वासन ही ग्रामीण जनों को मिला। इसके बाद भी आज भी ग्रामीण जन इन आवश्यकताओं की कमियों से जूझ रहे है।
ग्राम में यदि कोई बीमारी हो जाए तो उसे तीन किमी दूर तक ना तो कोई चिकित्सालय मिलता और ना ही दवा जिससे असमय ही ग्रामीणजनो को अपनी जान गंवानी पड़ती है। ग्रामीणजनों को यदि यहां मूलभूत आवश्यकताओं के रूप मे सडक़, बिजली और पानी की पूर्ति होजाए तो यह हालात यहां रहनेवाले ग्रामीणों को पुर्नजन्म की भांति नजर आऐगें।
इस संबंध में ग्रामीणों व रिटायर्ड पुलिसकर्मी द्वारा प्रधानमंत्री सहित अन्य सभी नेताओं व जनप्रतिनिधियों से ग्राम केमखेड़ा में सडक़,बिजली और पानी की पूर्ति की जाने की गुहार लगाई है।