कोलारस। गुरूवार को कोलारस में हुए लोक कल्याण शिविर के दौरान कोलारस विधायक रामसिंह यादव आक्रमक दिखाई दिये। विधायक रामसिंह यादव ने कहा कि प्रशासिक मशीनरी जब मेरी ही नही सुनती तो बेचारी जनता की क्या सुनेगी। मेर क्षेत्र में पानी, बिजली, और राशन की व्यवस्था पूर्ण रूप से ध्वस्त है। जनता के काम नही होते तो वे मुझे गालियां देते है।
खादय विभाग अधिकारी को मंच से आड़े हाथो लेते हुए विधायक ने कहा की खादय विभाग ने जो कहा उसका सच यह है कि कई जगह राशन नहीं बंट रहा। कई जगह से शिकायते मेरे पास आ रही है। जिनका निराकरण नहीं किया जा रहा, पीएचई विभाग की तो बात ही मत करो यहां तो कोई काम है नही क्षेत्र की सारी जल नल योजनाऐं ठप पड़ी है और सिर्फ कागजो में संचालित है।
इस विभाग में तो सारा पैसा डकार गए और सारी योजनायो का सारा पैसा जेब में पहुंच रहा है। मंच से पीएचई अधिकारी को पुकारते हुए जबाब देने को कहा लेकिन कोई जिम्मेदार नही आया, विधुत विभाग की हालत काफी दयनीय है। इस विभाग में तो कोई सुनने वाला ही नही है। लोक कल्याण शिविर की पोल खोलते हुए विधायक ने कहा की शिविर में हमारे प्रतिनिधियों यानी सरपंचो को नही बुलाया।
इस लोक कल्याण शिविर में जितने लोग आए है, ये कौन है। यह आम लोग नही यह शासकीय प्रणाली है यह जो महिलाऐं बैठी है यह सब आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका बैठी है। यहां कितनी महिलाऐं आम जनता में से है जब यह सवाल जनता से किया गया तो कोई नही बोला क्योकि की वहां ज्यादातर शासकीय कर्मचारी मौजूद थे।
विधायक ने कहा की लोक कल्याण शिविर में मेरे किसान भाई नही आए और जो कुछ आए है उन्हे बैठने की जगह नही है। यहां सिर्फ शासकीय मशीनरी बैठी है। यहां कोई सुनने वाला नही है। जब विधायक की सुनवाई नही होती तो जनता की कहां से होगी। में किसी गांव में भी नही जा सकता हूं। मुझे लोग बुरा भला कहते है मुझे इन सरकारी कर्मचारियों की वजह से भला बुरा सुनना पड़ता है। ग्रामो में हैडपंप सुधारने की लोग कहते है।
मैं विधायक हुं हैडपंप लगवाना मेरा काम है न की सुधारना। यह तो प्रशासन का काम है। गांवो में जनता मुझे गालियां देती है। पटवारियों को आड़े हाथो में लेते हुए विधायक ने कहा की पटवारी गांवो में नही जाते जिसने पैसा जेब में रख दिया उसका काम हो जाता है। नही रखा वो आज भी भटक रहे है। लोक कल्याण शिविर में केवल कर्मचारियो को न्यौता दिया गया है।
हमारे पंचायत प्रतिनिधियो को कोई जानकारी नही दी गई। यही कारण है की लोक कल्याण शिविर में ग्रामीण अपनी समस्याओ को लेकर नही पहुंच सके। 30 मिनिट तक चले विधायक के भाषण के दौरान अधिकारियो के मांथे पर चिंता के भाव साफ-साफ दिखाई दे रहे थे। विधायक के ओजस्वी भाषण के बाद लोगों ने उनकी बात का स्वागत तेज गडग़ड़ाहट तालियो के साथ किया। जिससे अधिकारियो के मांथे पर शिकन कस गई।
