शिवपुरी। शिवपुरी में विध्नहर्ता के नाम पर चल रहे सांस्कृति समारोह पर विध्न के बादल मंडरा रहे है। वैसे ही यह सांस्कृति समारोह अपनी गरिमा को खोता जा रहा है। गणेशोत्सव की शान अचल झांकी पूर्व में ही बंद हो चुकी है, अब यह खबर भी आ गई कि पिछले 16 साल से अनंत चतुदर्शी की रात लोगों को जिस चल झांकी का सर्वाधिक इंतजार होता था, वह भैरो बाबा उत्सव समिति कि चल झांकी इस बार नहीं निकलेगी।
जानकारी के अनुसार पिछले 16 साल से अंनत चतुदर्शी की चकाचौंध भरी रात की जान भैंरो बाबा उत्सव समिति की चल झांकिया रही है। पाठकों को हम जानकारी दे दें कि शारदा साल्वेंट से नंबर 1 का ताज इस समिति ने ही छीना था। भैरो बाबा उत्सव समिति के द्वारा निकाली गई चल झांकिया पिछले 10 साल से प्रथम आ रही है।
बताया जा रहा है कि भैरो बाबा समिति के द्वारा इस बार चल प्रतोयिगिता में भाग ने लेना गणेश सांस्कृतिक समारोह समिति और पूरे शहर को एक झटका माना जा रहा है। समिति ने यह निर्णय क्यों लिया है इसके कारण अभी स्पष्ट नही हो सका है। लेकिन यह खबर पक्की है कि भैरो बाबा समिति इस वर्ष चल झांकिया नही निकाल रही है।
पर्दे के पीछे से खबर आ रही है कि यह विवाद गणेश सांस्कृतिक समारोह समिति के कर्ताधर्ता द्वारा ही किया गया है। बताया जा रहा है कि समिति को पिछली बार की तरह हमेशा प्रथम पुरूष्कार की घोषणा की गई थी और इसके स्वरूप इस समिति को सम्मान शील्ड सहित 11 हजार रूपए की नगद रााशि दी जानी थी।
लेकिन गणेश जी के इस त्यौहार पर अतिक्रमण कर चुकी इस सांस्कृति समारोह समिति ने अपने पुरूषकार वितरण वाले दिन भैरो बाबा उत्सव समिति के कर्ताधर्ताओ को शील्ड और 5 हजार रूपए दिए जाने को प्रयास किया। भैरो बाबा उत्सव समिति के पदाधिकारियो ने शील्ड सहित नगद रााशि लेने से मना करा दिया।
समिति ने कहा कि हम लाखों रूपए और अपना 1 माह गणेश सांस्कृतिक समारोह के नाम से रिचार्ज होने वाले समाजसेवियो को खुश करने नही बाल्कि शहर की गौरव शाली परंपरा को जीवित रखने और हमारे भैरो बाबा सरकार के नगर भ्रमण पर खर्च करते है। गणेश सांस्कृतिक समारोह समिति द्वारा यह उत्सव जीवित नही है बल्कि यह समिति इस उत्सव से जीवित है।
