स्वच्छता अभियान: प्रशासनिक लचरता के कारण अभियान को लगा झटका

Updesh Awasthee
विवेक व्यास/कोलारस। बदरवास जनपद पंचायत अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत रिजौदी में स्वच्छता अभियान की हालत खस्ता है। वैसे तो स्वच्छता अभियान को लेकर अधिकतर ग्राम पंचायतों के लोग उदासीन है। किंतु जिन ग्राम पंचायतों में इस अभियान को लेकर जागरूकता है वहां पंचायत स्तर पर हितग्राहियों का जमकर शोषण किया जा रहा है। 

स्वच्छता अभियान के तहत बनने वाले शौचालय के लिये ग्राम पंचायत स्तर पर हितग्राहियों के लिये 12 हजार की राशि केन्द्र शासन से प्रदान की जाने की पहल की गई है ताकि ग्रामवासी खुले में शौच के श्राप से मुक्त हो सकें। इस अभियान की सार्थकता के लिये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी खुद सक्रिय रूप से पहल करने में लगे हुए है। 

जिला कलेक्टर भी समय समय पर इस अभियान को लेकर संबंधित अमले को सख्त हिदायत देते रहे है। इन सबके बाद भी जनपद स्तर पर इस अभियान की सफलता के लिये कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है कई जगह तो प्रशासनिक दबाब के कारण यह कार्य ठेकेदारों को सौप दिया गया है। 

बदरवास जनपद पंचायत अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत रिजौदी में ग्राम पंचायत प्रबंधन स्वच्छता अभियान में रूचि दिखाने वाले हितग्राहियों को मानसिक रूप से परेशान करने में लगा है। हालात यह है कि 2 माह पूर्व कुछ हितग्राहियों ने इस अभियान के तहत शौचायल बनवाये थे। जिनमें वीरेन्द्र सिंह, सीताराम, पप्पू, लखन ने हमें जानकारी देते हुए बताया कि शौचालय बनवाने के बाद भी हमें शौचालय की राशि प्रदान नहीं की जा रही है। 

इस राशि को निकालने के एवज में हमसे पैसेे की मांग की जा रही है। जिसके चलते अन्य ग्रामीण अब शौचायल बनवाने में कोई रूचि नहीं दिखा रहे है। इस संदर्भ में पूर्व में हमने जिला कलेक्टर की जनसुनवाई में अपना आवेदन दिया है किंतु अभी तक इस दिशा में कोई कार्यवाही नही हुई है। 

जनपद पंचायत बदरवास में पदस्थ संबंधित अधिकारियों द्वारा भी हमारी कोई सुनवाई नही की गई। जबकि शौचालय की राशि दो किस्तों में दो सप्ताह में हितग्राहियों के खाते में पहॅुच जाती है। ज्ञात हो कि उक्त सभी हितग्राही गरीबी रेखा की सूची में आते है। एक एक पैसा जोडकर इन्होंने शौचालय निर्माण करा लिया किंतु नवीन सूची में इनके नाम भी ग्राम पंचायत की लापरवाही से विलुप्त हो गये है। पूर्व की सूची में इनके नाम अंकित है।

वहीं इन्हे पीडीएस की दुकान से खाद्यान भी उपलब्ध कराया जाता है। हालाकि शौचालय के निर्माण में इनका कोई लेना देना नही है किंतु यहां इस बात को उजागर करना इसलिए आवश्यक है कि बीपीएल सूची में आने वालों की राशि को प्रदान करने में भी संबंधित विभाग किस तरह से लापरवाही कर रहा है। 

इनका कहना है-
यदि ग्रामीण लोंगों के साथ ऐसा हुआ है तो यह अत्यंत सोचनीय बिशय है। शासन द्वारा स्वच्छता अभियान एक सराहनीय पहल है। यदि इस कार्य में भी भ्रष्टाचार किया जा रहा है तो ग्राम पंचायत रिजौदी के ग्रामीणों की समस्या को लेकर में खुद वरिष्ट अधिकारियों से चर्चा करूगा। वे सभी कागजों के साथ मेरे निवास पर आकर मुझसे मिल सकते है। 
भारतीय किसान संघ उपाध्यक्ष 

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