शिवपुरी। मप्र शासन उच्च शिक्षा विभाग ने छात्रहित में निर्णय लेते हुए एटीकेटी परीक्षा के नियमों में बदलाव कर दिया है। इसी के साथ स्नातक के पंचम व छठवें सेमेस्टर में जो विद्यार्थी दो विषयों में फेल होंगेए उनका अब पूरा साल खराब नहीं होगा। इन विषयों की एटीकेटी परीक्षा के लिए उन्हें लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। उच्च शिक्षा विभाग ने सभी विश्वविद्यालयों को निर्देश दिए हैं कि यूजी व पीजी के उक्त सेमेस्टर के छात्रों की एटीकेटी परीक्षा को मु य परीक्षाओं का रिजल्ट आने के एक माह के भीतर करा दिया जाए।
जानकारी के मुताबिक समन्वय समिति की 91 वीं बैठक में एटीकेटी परीक्षा के नियमों में संशोधित प्रस्ताव पास हुआ था। इसके बाद ही अब उच्च शिक्षा विभाग ने इस आशय के आदेश सभी विश्व विद्यालयों के कुलसचिवों को जारी किर दिए हैं। जिनका कडाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं।
ताकि एटीकेटी श्रेणी में आने वाले जिन छात्रों के हितों को लेकर उक्त फैसला हुआ है, उसका छात्रों को सीधा लाभ हो सके। अभी तक जो व्यवस्था थी उसके अनुसार विश्वविद्यालयों द्वारा एटीकेटी की परीक्षाएं हर सेमेस्टर की मु य परीक्षाओं के साथ ही कराई जाती थी। इसलिए यूजी पंचम व छठवें सेमस्टर व पीजी तृतीय व चतुर्थ सेमस्टर में जिन विद्यार्थियों की एक या दो विषयों में एटीकेटी आ जाती थी तो उन्हें अगले साल मु य परीक्षा होने तक का इंतजार करना पड़ता था। तब जाकर वे एटीकेटी परीक्षा दे पाते थे।
छात्रों को यह होगा फायदा
इससे साल तो बर्बाद होती ही थीए वहीं एटीकेटी की वजह से डिग्री पूरी नहीं हो पाती थी और केरियर के अवसर भी हाथ से चले जाते थे। यह व्यवस्था लागू होने से छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं में बैठने के लिए इंतजार नहीं करना पडेगा।इसके अलावा अब मु य परीक्षा के परिणाम के बाद एक माह के भीतर एटीकेटी परीक्षाएं कराने से ऐसे छात्रों की डिग्री समय पर पूरी हो सकेगी।