'शिवपुरी की डी कंपनी' के खिलाफ कर्मचारी संघ का मोर्चा

Updesh Awasthee
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शिवपुरी। डीपीसी शिरोमणि दुबे और सहायक शिक्षक अफाक अहमद में हुआ विवाद गहराता जा रहा है इसी क्रम के चलते संयुक्त मोर्चा कर्मचारी संघ ने डीपीसी शिरोमणि दुबे और उनके साथी कर्मचारियों, जिन्हे 'शिवपुरी की डी कंपनी' के नाम से फब्तियां कसीं जातीं हैं, के खिलाफ ज्ञापन कलेक्टर को सौपा है। इस आवेदन में डीपीसी को तनाशाह बताते हुए उनके और उनकी पूरी कंपनी के खिलाफ कार्यवाही की मांग है। 

सौपे गए ज्ञापन में शिक्षकों का आरोप है कि अभी हाल ही में तानाशाह डीपीसी द्वारा शिक्षक अफाक अहमद के घर पहुंच कर अभद्रता करना व परिवार के सदस्यों व पड़ौसीयों के सामने जाति सूचक गालिया देने, बेईज्जती करने व जान से मारने की धमकी देने पर पुलिस कार्यवाही की जावे। 

सौंपे गए ज्ञापन में डीपीसी शिरोमणि पर आरोप लगाए गए है कि वे खुद नियमों को ताक पर रह कर 5 साल से प्रतिनियुक्ति पर है और नियमो का हवाला देते हुए अपने अधीनस्थों को बीआरसी, बीएसी और सीएसीयो को हटा दिया। 

इस ज्ञापन के अनुसार डीपीसी शिरोमणि दुबे ने अपने विभाग में जायलो कार लगा रखी है जो स्वयं के नाम से है। यह एक आर्थिक आपराधिक कृत्य है इस पर जांच की जाकर कार्यवाही की जावे। 

शिरोमणि दुबे अपने साथ अपने चहेतों को अपने साथ नियम विरूद्व ले जाते है। जैसे वत्सराज राठौर ऐसे कई इनके चहेते कर्मचारी है जिन्हे यह अपने दौरे पर ले जाते है। इनकी कंपनी के कर्मचारियो की अफसरशाही बंद हो। 

कुल मिलाकर आज शिक्षको ने डीपीसी ही नही पूरी की पूरी डी कंपनी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इस ज्ञापन में डीपीसी की प्रतिनियुक्ति पर सवाल खडे किए है और कहा है कि वे 5 साल से इस कुर्सी पर डटे है। और उनकी उम्र भी 52 है जो नियम अनुसार इस सेवा के योग्य नही है। 

संयुक्त मोर्चा कर्मचारी संघ जिला शिवपुरी ने सीधे-सीधे चेतावनी दी है कि शिक्षक अफाक अहमद द्वारा दी गई पुलिस में शिकायत पर कार्यवाही नही की जाती, डीपीसी की प्रतिनियुक्ति समाप्त नही होती तो 1 जून से मोर्चा डीईओ कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन हडताल और क्रमिक भूख हड़ताल करेगा। 

इस आवेदन में सीधे-सीधे नही बल्कि इशारों में कलेक्टर की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खडे किए है। जैसा कि मप्र मंत्री के आदेशनुसार डीपीसी को निलबिंत किया था लेकिन यह निलबिंत अवधि में भी कार्यालय में आते थे और शासकीय कार्य करते थे यह कैसे हुआ और किसकी अनुमति से हुआ। यह जांच का विषय है। 
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