शिवपुरी। जो मनुष्य आज सुख-सुविधाओं और भोग-विलासिता का जीवन जी रहा है वह कठिन तपस्या के बाद प्राप्त हुआ है क्योंकि अनादिकाल से ऋषि-मुनियों ने जीवन को बड़े संयमित तरीके से जीवन जीया और उन्होंने मंत्रोच्चारण की विधि कर यज्ञ के माध्यम से जनमानस का कल्याण किया।
ऋषि मुनियों की इन्हीं पवित्र यज्ञरूपी विधि का अनुपालन और उनके सिद्धान्तों के अनुरूप आर्य समाज चल रहा है। उक्त आर्शीवचन दिए प्रसिद्ध वेदकथा वाचक दीदी अंजली आर्या ने जो स्थानीय आर्य समाज मंदिर में आर्य प्रतिनिधि इन्द्रजीत चावला(बिल्लू भैया)31 से 1 अप्रैल तक आयोजित संगीतमय वेदकथा के अमृत प्रवचनों से धर्मप्रेमीजनों को कृतार्थ कर रहीं थी।
कथा प्रारंभ से पूर्व आर्य समाज शिवपुरी द्वारा स्थानीय एचडीएफसी बैंक परिसर के सामने से भव्य शोभा यात्रा निकाली गई जो गुरूद्वारा, राजेश्वरी मंदिर होते हुए, अस्पताल चौराहा, कोर्ट रोड़ से माधवचौक से निकलकर आर्य समाज रोड़े होते हुए आर्य समाज मंदिर पहुंची। यहां नगरवासियों ने इस शोभायात्रा का भव्य स्वागत किया और दीदी अंजली आर्या का माल्यार्पण कर स्वागत व आर्शीवाद प्राप्त किया।
अंग्रेजी संस्कृति द्योतक है 01 अप्रैल मूर्ख दिवस, मनाऐं नव वर्ष
प्रवचनों में दीदी अंजली आर्या ने छोटी सी कहानी सुनाकर अंग्रेजी संस्कृति के बारे में बताया जिसमें उन्होंने कहा कि किसी भी धर्म,संप्रदाय, गीता, रामायण, उपनिषद, भागवत, पुराण आदि में कहीं उल्लेख नहीं है कि 01 अप्रैल को मूर्ख दिवस के रूप में मनाया जाए, बल्कि हमें चैत्र नवरात्रा के पूर्व ही इस 01 अप्रैल के दिन को नव वर्ष शुभारंभ के रूप में मनाना चाहिए और एक-दूसरे को नव वर्ष की शुभकामनाऐं देना चाहिए।
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