भोपाल। विधानसभा में आज मध्यप्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ में संविदा पर पदस्थ अधिकारियों द्वारा गोपनीय चरित्रावली लिखे जाने का आरोप कांग्रेस विधायक केपी सिंह ने लगाया। उन्होंने इसे नियम के विरुद्ध बताते हुए मांग की कि इसके कारण हाल ही में हुई पदोन्नतियों से प्रभावित अधिकारियों के आदेशों का परीक्षण कराया जाए।
पंचायत मंत्री गोपाल भार्गव ने कहा कि अगर पदोन्नतियों में कोई गड़बड़ी हुई है तो उसका परीक्षण करा लिया जाएगा। केपी सिंह ने 23 नवंबर 2015 को हुई सहायक प्रबंधकों की अस्थाई रूप से उप प्रबंधक पद पर पदोन्नति के मानदंड, प्रावधानों को लेकर प्रश्नकाल में सवाल किया था। इसके पूरक प्रश्न में सिंह ने आरोप लगाया था कि संविदा के तौर पर पदस्थ अधिकारियों द्वारा सीआर लिखी जा रही है जबकि अनियमित अधिकारी कभी भी दुर्भावनावश किसी के खिलाफ सीआर में टिप्पणी लिख सकता है। ऐसा ही राज्य सहकारी विपणन संघ में हुआ है और संविदा वाले अफसर की सीआर के कारण करीब छह सात अधिकारियों की सीआर ग श्रेणी की लिखी गई। इससे वे पदोन्नति के लाभ से वंचित रह गए हैं।

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