शिवपुरी। शिवपुरी समाचार डाट कॉम की खबर का असर दिखाना शुरू कर दिया है। कल प्रकाशित खबर शिवपुरी के 19 जालसजों को किसकी सरपरस्ती शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इस खबर के असर पर कोतवाली पुलिस ने इन 19 फर्जी पटवारियों की लिस्ट की तलाश शुरू कर दी।
शिवपुरी समाचार डाट कॉम से शिवपुरी एसपी मो यूसुफ कुर्रेशी ने बातचीत करते हुए कहा है कि इन फर्जी पटवारियों की लिस्ट की तलाश शुरू कर दी गई है। इस मामले मेें कोतवाली पुलिस को नोटिस दिया गया है। जल्द की इन फर्जी 19 पटवारियों पर कार्रवाई शुरू की जाऐगी।
यह था मामला
सन 2008 मेें व्यापांम से पटवारियों की भर्ती की थी। इस भर्ती में शिवपुरी के 19 पटवारियों ने फर्जी डिप्लोमा बनवाया था। और इन फर्जी डिप्लोमा के बल पर पटवारी की नौकरी हासिल कर ली थी लेकिन जांच उपरात इन पटवारियों के डिप्लोमा फर्जी पाए गए थे कलेक्टर शिवपुरी ने इन पटवारियों पर मामला दर्ज करने के आदेश दिए थे।
व्यापमं ने 2008 में पटवारी चयन परीक्षा आयोजित की थी। आवेदकों के लिए कंप्यूटर का डिप्लोमा अनिवार्य था। शिवपुरी जिले के 19 आवेदकों ने छत्तीसगढ के एक कॉलेज का कंप्यूटर डिप्लोमा प्रमाणपत्र लगाया।
प्रमाण पत्रों पर तत्कालीन कलेक्टर डॉ. आरके जैन को संदेह हुआ तो उन्होंने जांच करवाई। फर्जी प्रमाणपत्र देने वाले रायपुर के महाविद्यालय अंगूरीदेवी मामनचंद ग्लोबल एजुकेशन एवं वेलफेयर सोसायटी के वाइस चेयरमैन सुनील अग्रवाल एवं ग्वालियर के सि बोसिस ग्रुप ऑफ कॉलेजेस के निदेशक प्रीतम किरार ने प्रमाणपत्रों को सही ठहराया।
दरअसलए इस मामले से जुडे आरोपियों में से अधिकतर रसूखदार परिवारों से जुडे थे। कलेक्टर ने जब इन प्रमाणपत्रों का यूनिवर्सिटी से भौतिक सत्यापन करवाया तो प्रमाणपत्र फर्जी निकले। तब कलेक्टर ने 11 जनवरी 2012 को इन कॉलेजों और 3 जनवरी 2013 को उ मीदवारों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज करने के लिए एसपी को पत्र लिखा।
लेकिन कोतवाली पुलिस ने इन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज नही किया। इसके बाद शिवपुरी समाचार डाट कॉम ने इस मामले की खबर को प्रकाशित किया था। इसके बाद यह फर्जी पटवारी काण्ड फिर बोतल से बहार आ गया। और इन फर्जी पटवारियों की लिस्ट की तलाश कोतवाली पुलिस ने शुरू कर दी है।