शिवपुरी। शहर के कस्टम गेट स्थित बिजली ऑफिस के पास शुक्रवार की दोपहर दो बच्चों को रूपयों से भरा एक पर्स पड़ा मिला। इस मासूमों ने जब पर्स खोलकर देखा तो उसमें 3300 रूपए नगद और कुछ पर्चिया रखी हुई थी।
पर्स में पैसे देखकर इनके मन में ख्याल आया कि यह पर्स जिसका भी गिरा है वह अपने बच्चों के लिए दिवाली के लिए शॉंपिग करने आया होगा।
बच्चो ने उस पर्स को पुन: देखा और उसमें रखी पर्चिया देखी वे पर्चिया शहर के सेंट बेनिडिक्ट की फीस जमा की पर्चियां थी और उन पर्चियों पर सुहानी और स्तुति जैन के नाम अंकित था।
बच्चे राघव एंव कृष्णा वो पर्स लेकर चाईल्ड लाईन संयोजक जिनेंद्र जैन के पास गए। जिनेंद्र जैन ने उन फीस की पर्चियों का व्हाटसअप सेट बेनिडिक्ट स्कूल के प्रिंसिपल को कर दिया। और फोन लगाकर पूरी जानकारी दी।
स्कूल के प्रिंसिपल ने अपने स्कूल की इन दोनो बच्चियों से पूछा कि आप के पापा का कुछ गिर गया तो बच्चियों ने कहा कि हां हमारे पापा का पर्स गिर गया है।
यहं पर्स शिवपुरी शहर में आर्यसमाज मंदिर के पास रहने वाले दुकानदार कमल जैन का था,यह पर्स शुक्रवार के दिन कस्टम गेट के आसपास गिर गया था।
प्रिंसिपल के बताए गए पते पर राघव उम्र 12 वर्ष पुत्र अमित वशिष्ठ व कृष्णा पुत्र बृजेश सेन पर पहुंचे और कमल जैन को यह पर्स दिया। कमल जैन इन मासूमों की ईमानदारी और समझदारी के कायल हो गए। उन्होने बच्चो से कहा कि इस पर्स को मिलने की उम्मीद में छोड चुका था।


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