खनियाधाना। नहर में गिरी एक 6 वर्षीय मासूम करीब 100 फुट तक पानी में डूबी रही, लेकिन जब बाहर निकली तो जिंदा थी। इस बीच वो कई बार मौत के दरवाजे तक पहुंची। लोग इसे ईश्वर का चमत्कार मान रहे हैं।
जानकारी के अनुसार खनियाधाना के बमौरकलां गांव के एक पुलिया जिसे संध्या की पुलिया के नाम से पहचाना जाता है। इस पुलिया से गुजरी नहर में रानी बाई अपनी 6 वर्षीय मासूम बिटिया नैनसी के साथ कपड़े धोने आई।
बताया गया है कि मां कपडे धोने में व्यस्त थी और बच्ची पानी में खेलने लगी ओर इस पुलिया के बहते पानी ने यह मासूम बहने लगी जिसे देखकर उसकी मां चिल्लाई जब तक यह मासूम कुएं नुमा बने एक पानी के गढ्ढे में गिर गई।
बताया गया है कि कुएं नुमा गढडे में नहर का पानी गिरता है और गड्ढे में से खेतो में पानी देने के लिए 2 फुट चौड़े पाईप लगे है। इन्ही पाईपो से बहते पानी में यह मासूम भी लगभग 50 फुट बह गई और खेता में जा गिरी।
पानी के पाईपों से बहकर आई मासूम को खेतो में काम कर रहे किसानो ने उठाया तो उसकी सांसे चल रही थी। तत्काल उसे बमौरकलां के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। समाचार लिखे जाने तक मासूम खतरे से बहार बहार बताई जा रही है।


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