पोहरी। जेएमएफसी न्यायाधीश पोहरी ने अपने फैसले में एक फर्जी रजिस्ट्री कराने के मामले में आरोपियों को तीन वर्ष का सश्रम कारावास व 10-10 हजार के जुर्माने से दंडित करने की सजा सुनाई है।
फरियादी की शिकायत पर फर्जी रजिस्ट्री के आरोप में कालाम़ बैराड़ के पांच आरोपियों को दोषी मानते हुए अदालत ने यह फैसला दिया है शासन की तरफ से मामले की पैरवी अभियोजन अधिकारी विशाल कांवरा द्वारा की गई।
अभियोजन पक्ष से मिली जानकारी के मुताबिक फरियादी कलिया बेवा काशीराम चिडार व उसके पुत्र रामप्रकाश चिडार की ग्राम पंचायत बैराड के कालामड़में 0.96 हेक्टेयर भूमि है।
19 मार्च 2004 को रामप्रकाश ने अपनी मां कलिया के स्थान पर बुआ नारायणी को खड़ा कर इस भूमि को रामगोपाल को विक्रय कर उपपंजीयक पोहरी के यहां विक्रय पत्र संपादित करा दिया।
फरियादी कलिया की शिकायत पर तहसीलदार व उपपंजीयक द्वारा जांच कर पोहरी थाने में आरोपी रामगोपाल, विनोद,,रामप्रकाश, नारायणी व मनोज शर्मा निवासी कालामड पर एफ आईआर दर्ज कराई गई थी
पुलिस विवेचना में अपराध साबित हुआ तो चालान न्यायालय में पेश किया गया मामले की सुनवाई करते हुए न्यायाधीश वर्मा ने दोनों पक्षों की जिरह उपरांत आरोपियों को दोषी पाते हुए 10 साल के सश्रम कारावास की सजा का फैसला दिया


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