सरपंच पति दे रहा शिक्षकों के हाथ-पैर तोडऩे की धमकी

Updesh Awasthee
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शिवपुरी। जनपद पंचायत करैरा के अंतर्गत आने वाले ग्राम साजौर के सरपंच की हठधर्मिता इस कदर बढ़ गई है कि अब वह अपनी पत्नि के सरपंची का अनैतिक लाभ उठाकर ग्राम साजौर के ही शासकीय विद्यालय के शिक्षकों को हाथ-पैर तोडऩे की धमकी दे रहा है।

इस धमकी से आहत शिक्षकों ने जिला शिक्षाधिकारी को लिखित शिकायत कर कार्यवाही के साथ किसी भी प्रकार की घटना के लिए सुरक्षा की मांग की है।

शिकायती आवेदन में शास.माध्यमिक विद्यालय साजौर में पदस्थ शिक्षकगण श्रीमती राजेश्वरी टोप्पो अध्यापक शाला प्रभारी, श्रीमती मीना भदौरिया सहायक अध्यापक, कुं.ज्योति तोमर सहायक अध्यापक, जितेन्द्र सिंह जाट एसएसएस-2 शा.मा.वि. साजौर के स्टाफ को ग्राम साजौर की सरपंच श्रीमती मनीषा शर्मा के पति ग्राम पंचायत सिलानगर के सचिव योगेन्द्र शर्मा ने अपनी मनमर्जी मुताबिक शिक्षकों पर कार्य करने का दबाब बनाया और ना करने पर हाथ-पैर तोडऩे की धमकी दे डाली।

 बीती 22 जुलाई की घटना को जिक्र करते हुए शिक्षकों ने बताया कि उस समय शाला में एस.एम.सी. (शाला प्रबंधन समिति)का गठन किया जाना था जिसमें सचिव योगेन्द्र ने शासकीय कार्य में हस्तक्षेप करते हुए अपनी सरपंच पत्नि मनीषा शमा के पद का दुरूपयोग करते हुए जबरन हरविलास कोली को अध्यक्ष बनवा दिया।

 शिकायती आवेदन में बताया कि उक्त सचिव पूर्व में भी धमकी देकर अनैतिक कार्य कराने को लेकर शिक्षकों पर दबाब बनाता है। इसकी शिकायत शिक्षकों ने कलेक्टर, एसडीएम व अन्य अधिकारियों को भी लेकिन सचिव के विरूद्ध आज दिनांक तक कोई कार्यवाही नहीं हुई। ऐसे में शिक्षकगण भयभीत है।
                                     
जिला शिक्षाधिकारी ने किया दौरा
बताया जाता है कि यह घटना जब जिला शिक्षाधिकारी एम.एस.गिल के समक्ष शिक्षकगण लेकर पहुंचे तो उन्होंने बिना देर किए शिक्षकों को साथ लेकर स्वयं ही ग्राम साजौर जा पहुंचे और वस्तुस्थिति का जायजा लिया। यहां शिक्षाधिकारी को सरपंच-सचिव दोनों ही नहीं मिले और ग्रामीणों से चर्चा की। लेकिन ग्रामीणों ने भी ऐसा कुछ कहने से इंकार कर दिया।

हालांकि अब शिक्षकों को भय सता रहा है कि कहीं किसी प्रकार की अनहोनी ना हो जाए क्योंकि शिक्षकों के द्वारा की गई शिकायत के बारे में सरपंच-सचिव दोनों को जानकारी लग गई है। ऐसे में शिक्षकों ने अपने साथ किसी भी प्रकार की घटना के लिए इन दोनेां को ही जि मेदार ठहराए जाने की बात कही है।

इनका कहना है-
शिक्षकों की शिकायत पर हमने मौका मुआयना किया लेकिन ग्रामीणों से जानकारी ली तो ऐसा कुछ  देखने को नहीं मिला। फिर भी हम मामले की जांच करा लेंगें और शिक्षकों के साथ किसी ाी प्रकार की अ ाद्रता अथवा शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न होने वाली स्थिति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
एम.एस.गिल
जिला शिक्षाधिकारी, शिवपुरी
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