शिवपुरी। सीवर प्रोजेक्ट के कारण असमय की काल के मुहं में समा गई शिवपुरी की सडकों को लेकर एक पीआईएल की सुनवाई को लेकर कलेक्टर न्यायालय में पेश हुए वहां उन्होने बताया कि हमने 3.28 करोड़ रुपए से सडक सुधार कामों के टेंडर जारी कर दिए गए।
शेष 35 करोड रुपए के सवाल पर, उनका कहना था कि हमने शासन को प्रपोजल भेज दिया। सडक सुधार के लिए लगाई गई जनहित याचिका में याचिकाकर्ता ने सडक सुधार में खर्च होने वाली 38 करोड रुपए की राशि का एस्टीमेट पीडब्ल्यूडी से बनवाकर न्यायालय में पेश किया है।
न्यायालय के समक्ष कलेक्टर के अलावा नपा सीएमओ कमलेश शर्मा, पीडब्ल्यूडी ईई आरके गुप्ता, पीएचई ईई बीके छारी, नपा सब इंजीनियर, डिप्टी डायरेक्टर नगरीय निकाय ग्वालियर मौजूद रहे।
न्यायालय ने कलेक्टर को आदेश दिया है कि वे सभी जिम्मेदार अधिकारियों के साथ हर माह बैठक करके मॉनीटरिंग करेंगे। साथ ही अपनी रिपोर्ट न्यायालय में पेश करेंगे। जिसके लिए अगली तारीख 8 सितंबर 2015 नियत की गई है।
चूंकि प्रशासन पूर्व में यह वादा न्यायालय के समक्ष कर चुका था कि हम 15 दिन में सडकें सुधरवा देंगे। लेकिन 2 माह गुजरने के बाद भी सडक सुधरना तो दूर, उसके लिए राशि तक आवंटित नहीं हुई।
न्यायालय की फटकार से बचने के लिए पिछली तारीख के बाद आनन-फानन में नगरपालिका ने सडक सुधार के लिए टेंडर निकलवा ताकि कुछ तो कहने को रहेगा।
इनका कहना है
कलेक्टर शिवपुरी ने 3.28 करोड रुपए के टेंडर जारी करने की बात न्यायालय को बताई। साथ ही शेष 35 करोड रुपए की राशि के लिए प्रपोजल शासन को भेजने की बात कही।
न्यायालय ने हर माह मॉनीटरिंग रिपोर्ट कलेक्टर से देने को कहा है। अगली तारीख 8 सितंबर लगी है। मुझे उम्मीद है कि सड़क सुधारने का काम अब शुरू हो जाएगा। एडवोकेट विजय तिवारी, याचिकाकर्ता

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