सडक निर्माण की ऐजेंसी नपा को बनाने पर एडवोकेट विजय तिवारी ने उठाए सवाल

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शिवपुरी। सीवर प्रोजेक्ट के तहत खोदी गईं शहर की सडको हत्या हो गई,जनता परेशान होती रही और शासन प्रशासन ने इन सडको की कोई सुध नही ली। इस कारण यह मामला पीआईएल के रूप में हाईकोर्ट पहुचं गया।

एडवोकेट विजय तिवारी की इस पीआईएल की सुनवाई करते हुए जब हाईकोर्ट ने जबाब मांगने के लिए 14 जुलाई को शिवपुरी कलेक्टर और नपा सीएमओ को तलब किया तो 13 जुलाई को सडको के निर्माण के लिए 2 करोड 20 लाख के टेंडर करा दिए गए। यह सब आनन-फानन में करा दिया गया।

नपा की इस कार्यप्रणाली और पिछले रिकार्ड देख कर एडवोकेट विजय तिवारी ने सवाल खडे कर दिए है। 2 करोड 20 लाख की बनने वाली सडको की ऐजेंसी नपा को बनाया है। नपा ने जो सडक निर्माण अपने पिछले कार्यकाल में कराए है वह गुणवत्ता युक्त नही है। इस कारण सडको के गुणवत्ता विहिन हुए कार्य और उसमें हुआ भ्रष्टाचार के मामले लोकायुक्त की जांच की जद में है।

नपा सडक निर्माण की एक्सपर्ट ऐजेंसी नही है,शिवपुरी की सडको के निर्माण की कंपनी पीडब्लूडी को नियुक्त करना था। पीडब्लुडी के पास वह मैन-पावर और सारे संसाधन उपलब्ध है जिससे शहर की नागरिको को एक गुणवत्ता युक्त सडक मिल सके।

नपा के पास इस समय मैन-पावर की बहुत कमी है ले देकर एक ही सबइंजीनियर आरडी शर्मा नपा शिवपुरी के पास है। एक सबइंजीनियर और पूरा शहर इसके आलावा इन सडक निर्माण के अतिरिक्त भी सबइंजीनियर के पास कई काम होगेे।

नपा में भ्रष्टाचार का खेल कभी नही रूका है यहां भ्रष्टाचार एक परंपरा बन गया है। ऐसे में शिवपुरी के सडको के निर्माण की ऐजेंसी नपा को रखना उचित नही होगा।

हम पाठको को यह बताया जाना उचित होगा कि सारे शहर की सडको को संवारने के लिए कुल 25 करोड़ 98 लाख का स्टीमेट बनाया गया है जिसके प्रथम चरण में 2 करोड़ 23 लाख में शहर की 14 सडको का निर्माण किया जाऐगा। 

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