शिवपुरी। शिवपुरी के सिंध के प्रोजेक्ट के लटके काम को शुरू करवाने के लिए सत्याग्रह जारी है। इस सत्याग्रह की ताकत ने सीएम से घोषणा करवा दी कि 6 माह में शिवपुरी की धरा पर सिंध प्रकट हो जाऐगी। इस योजना में सबसे बडा सकंट फोरेस्ट की एनओसी है। सूत्रों के मुताबिक दोशियान कंपनी इस एनओसी के मिलने के बाद ही काम शुरू करेगी।
शासन भी इस एनओसी को लेकर चिंतित है इसी कारण मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में परमिशन के लिए विशेष मामला बताते हुए सुनवाई का नंबर आने से पहले फाइल को आगे बढ़ाया गया।
सूत्रों के अनुसार फाइल को यह कहकर वापस कर दिया गया कि जब जूरी के समक्ष सुनवाई की तारीख आएगी, तब मामला सुना जाएगा। ज्ञात रहे कि शिवपुरी नेशनल पार्क में खुदाई की परमिशन के लिए सुप्रीम कोर्ट में चल रहे मामले में नगरपालिका की ओर से दिल्ली के एडवोकेट आलोक पाठक नियुक्त हैं।
सुप्रीम कोर्ट में नपा की ओर से नियुक्त किए गए एडवोकेट का कहना है कि हमने एक प्रयास किया था कि शायद विशेष मामला मानते हुए पहले सुनवाई के लिए नंबर मिल जाए। कोई बात नहीं फाइल तो सुनवाई के लिए नंबर पर लगी हुई है, उसमें तो तारीख तय होने पर चर्चा होगी ही। उनका कहना है कि हमारा यह प्रयास अभी भी जारी रहेगा कि जनहित को ध्यान में रखते हुए इसमें सुनवाई जल्दी हो जाए।
जलावर्धन को लेकर बुधवार 8 जुलाई को भोपाल में होने वाली बैठक में दोशियान कंपनी ने शासन से फॉरेस्ट क्लियरेंस की समय सीमा मांगी है। कंपनी के महाप्रबंधक का कहना है कि काम बंद हुए दो साल गुजर गए, लेकिन अभी तक उसमें कोई स्टेप आगे नहीं बढ़ा है इसलिए कंपनी फॉरेस्ट क्लीयरेंस का समय स्पष्ट होने के बाद काम को आगे बडाएगी।


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