फरार बदमाश को CEO अजीत तिवारी ने दिया सरपंची का चार्ज

Updesh Awasthee
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शिवपुरी। जिले के इंदार थाना से फरार बदमाश को बदरबास के मु य कार्यपालन अधिकारी  अजीत तिवारी ने गिंदौरा पंचायत का चार्ज दे दिया है। चार्ज के साथ इस फरार बदमाश के हस्ताक्षर के चार बैंको भी लेनदेन के लिए भी पंहुचा दिए है। बताया गया है सीईओ के इस अवैधानिक काम के लिए फरार बदमाश और सीईओ तिवारी के बीच कोई अवैध गठबंधन हुआ है। 

जानकारी के अनुसार इंदार थाना क्षेत्र में आने वाली ग्राम पंचायत गिंदौरा से फर्जी मार्कशीट के सहारे अपनी उम्र बढ़ाकर सरपंच बनने वाले मोहब्बत सिंह आदिवासी पर इंदार थाने में भादवि की धारा 420, 467, 468, 471 और 34 के तहत मामला कायम है और यह मोहब्बत सिंह अभी थाने के कागजो में फरार चल रहा है।

इन धाराओं में आरोप सिद्ध होने पर आरोपी को आजीवन कारवास की सजा का प्रावधान है। फौजदारी मामला कायम होने पर निर्वाचित सरपंच मोहब्बत सिंह आदिवासी शपथ ग्रहण समारोह में उपस्थित नहीं हुआ था और ना ही अभी तक उसने सरपंची की शपथ ली है।  

समितियों के चुनाव में भी उसकी अनुपस्थिति दर्ज की गई थी, लेकिन प्रशासन की सांठगांठ से उक्त फरार सरपंच को चार्ज देने के आदेश जनपद पंचायत बदरवास के मु य कार्यपालन अधिकारी अजीत तिवारी ने प्रदान कर दिये और उसी तारत य में मोहब्बत सिंह ने फरारी में ही पदभार भी ग्रहण कर लिया है। 

प्राप्त जानकारी के अनुसार सरपंच बनने के लिए कानूनन न्यूनतम उम्र 20 वर्ष निर्धारित है, लेकिन सरपंच चुनाव में मोहब्बत सिंह आदिवासी महज 18 वर्ष का था, लेकिन कानूनी औपचारिकता पूर्ण करने के लिए मोहब्बत सिंह कक्षा 5 की अंकसूची में कूटरचना एवं हेराफेरी कर अपनी आयु 21 वर्ष से अधिक दर्शा दी। 

अंकसूची के अनुसार मोहब्बत सिंह आदिवासी का जन्म 22 अगस्त 1992 है, लेकिन जिला शिक्षा अधिकारी ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि मोहब्बत सिंह आदिवासी का जन्म 9 अप्रैल 1995 को हुआ और इसकी एंट्री कार्यालय अभिलेख में भी दर्ज है। इस आधार पर आरोपी सरपंच के विरूद्ध 7 मार्च 2015 को भादवि की धारा 420, 467, 468 आदि में मामला कायम किया गया है। मामला दर्ज होने के बाद मोहब्बत सिंह आदिवासी फरार हो गया। 


इसी कारण 11 मार्च 2015 को ग्राम पंचायत गिंदौरा में जब नवनिर्वाचित सरपंच एवं पंचों का शपथ ग्रहण हुआ तो जिसमें मोहब्बत सिंह अनुपस्थित रहा। इसके बाद 14 अप्रैल 2015 को ग्राम पंचायत भवन में ग्रामसभा का आयेाजन हुआ जिसकी अध्यक्षता उपसरपंच नीरज रघुवंशी ने की इस सभा में समितियों का गठन किया गया, लेकिन मोहब्बत सिंह अनुपस्थित रहा। 

ग्राम सभा ने अपनी बैठक में स्वीकार किया कि सरपंच के फरार हो जाने से पंचायत का समस्त कार्य अवरूद्ध हो रहा है। 

इस कारण अभी पंचायत के पंचो ने अभी सीईओ से को एक आवेदन देकर मांग  की, विदित हो कि ग्राम पंचायत के निर्वाचित सरपंच मोहब्बत सिंह आदिवासी पर फौजदारी के मामला इंदार थाने में दर्ज हो जाने के कारण अभी सरपंच की शपथ नही ली है और फरार चल रहा है।

 इस कारण पंचायत का कार्य अवरूद्व हो रहा है इस कारण ग्राम पंचायत गिंदौरा के उपसरपंच नीरज रघुवंशी ने रामोबाई जाटव को सरपंच का चार्ज देने के लिए मु य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत को 15 मई 2015 को पत्र लिखा था। 

ग्राम पंचायत ने अपनी बैठक में 14 मई 2015 को रामोबाई जाटव को सर्वस मति से स्थानापन्न सरपंच चुना है। उन्हें ग्राम पंचायत गिंदौरा के सरपंच के अधिकार दिये जाये ताकि पंचायत में शासकीय योजनाओं का क्रियान्वयन प्रारंभ हो सके। 

यह मामला अब कलेक्टर की जन सुनवाई में भी पंहुच चुका है और देखते है कि इस पंचायत को एक फरारी चलता है कि किसी पंच को इस पंचायत का चार्ज मिलता है। 
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