शिवपुरी। देश की सर्वोच्च आर्यिका गणिनी ज्ञानमती माताजी का पहलीबार शिवपुरी में आगमन होगा। उनके आगमन की तैयारियों में जैन समाज शिद्दत से जुट गई है और सोनागिर में विराजमान गणिनी आर्यिका ज्ञानमती माताजी को शिवपुरी आमंत्रण के लिए श्रीफल समर्पित करने आधा सैकड़ा से अधिक महिला पुरूष श्रद्धालु गुरूवार को अल सुबह सोनागिर प्रस्थान करेंगे और वहां माता जी से चर्र्चा उपरांत उनसे शिवपुरी आने का कार्यक्रम लेंगे।
कर्ई आध्यात्मिक ग्रंथों का हिन्दी अनुवाद कर उन्हें सहज रूप में पढऩे के लिए श्रावकों को उपलब्ध कराने में आर्र्यिका ज्ञानमती माता जी की महती भूमिका रही है। यहीं नहीं उन्होंने देश भर में कई स्थानों पर निर्मित हुए बड़े-बड़े प्रोजेक्टों को अपना आशीष दिया जिसके चलते वे पूर्र्ण हो चुके हैं और अब सन् 2016 में महाराष्ट्र के मांगीतुंगी में आयोजित जैन समाज के एक विशाल जलसे में शामिल होने के लिए वह दिल्ली से सटे हस्तिनापुर से पद बिहार करते हुए सोनागिर तक पहुंची हैं और संभावना ऐसी वन रही है कि मई माह के अंत में आर्यिका माता का मंगल प्रवास शिवपुरी में होगा। जहां विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान जैन समाज द्वारा उनके मंगल आशीर्ष और सानिध्य तले आयोजित किये जाएंगे।
आगमन की तैैयारियों को लेकर हुई बैठक
गणिनी आर्यिका ज्ञानमती माता जी के शिवपुरी आगमन को लेकर मंगलवार रात महावीर जिनालय पर जैन समाज की आवश्यक बैठक का आयोजन हुआ जिसमें समाज के सभी वरिष्ठ जनों ने भागीदारी कर उनके शिवपुरी प्रवेश को भव्य और ऐतिहासिक बनाने का निर्णय लिया है। साथ ही शिवपुरी आगमन के लिए जैन समाज के प्रतिनिधि मंडल के साथ गुरूवार को सोनागिर पहुंचकर माता जी से आर्शीवाद लेने का निर्णय भी लिया गया।

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