शिवपुरी। बस स्टेंड पर हुए विवाद के बाद सिंघम की तरह दहाड़ रहे आरटीओ विक्रम सिंह जीत कंग आज हुई बस मालिकों की मीटिंग में भीगी बिल्ली बने नजर आए। बस मालिकों ने साफ बताया कि 300 रुपए के फिटनेस सर्टिफिकेट के लिए 3000 चुकाते हैं, ओवरलोडिंग तो करना पड़ेगी। इमरजेंसी गेट पर सीट नहीं लगाई तो आपका हफ्ता कैसे भरेंगे।
बीते रोज बस मालिको और आरटीओ के बीच दिनभर हाईवॉल्टेज ड्रामा चलता रहा। कल आरटीओ ने बसो की चैकिंग के दौरान 5 बसो की फिटनिस रद्द की दी। इसके बाद आरटीओ कार्यालय में बस मालिकों और आरटीओ शिवपुरी के बीच बैठक आयोजित की इस बैठक में मुद्दे थे बसों की फिटनिस यात्रियो की सुरझा के साथ कई मुद्दे थे किन्तु इस बैठक में बस मालिकों ने आरटीओ कार्यालय में चल रही भ्रष्टाचार एक्सप्रेस की पोल खोल दी।
बताया गया है इस बैठक में आरटीओ शिवपुरी विक्रम सिंहजीत कंग ने बस ऑपरेटरो से कहा कि आपको यात्रियो की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, बस में दोनो ओर गेट बनवाने होंगे और समय से सभी कागजात कम्पीलीट करवाने होगें नही तो आपकी बसों को सडको पर नही चलने देगें।
इतना सुनता ही बस मालिक भडक गए बस मालिकों ने आरटीओ के सामने ही कहा कि इस कार्यालय की व्यवस्था पहले सुधारी जाए यहां जो भ्रष्टाचार एक्सप्रेस चल रही है उसे रोका जाए, बस मालिकों ने आरटीओ के सामने ही आरटीओ कार्यालय के एक बाबू जो उस समय मिटिंग मे ही मौजूद था उसके बारे में कहा बसों की फिटनिसो की सरकारी रेट तीन सौ से पॉच सौ रूपए है परन्तु आपका ये बाबू बस के फिटनिस बनाने के लिए 3 हजार रूपए लेता है।
इतना ही सुनते कहते ही वहां सन्नाटा खिंच गया सब की सब बाबू की ओर देखने लगे तो बाबू ने कहा में क्या पूरे लेता हूं साहब भी लेते है। इतना ही नही बस ऑपरेटरो ने आरटीओ से कहा साहब आप पिछले 7 दिनो से कार्यालय में नही बैठे सभी फाईले घर पर होती है।
हमे यहां आपसे काम होता है तो चक्कर लगाने पडते है, हमारा कोई भी काम बिना रिश्वत के नही होता है। यहां कामो की रिश्वत की रेटलिस्ट है।
इन आरोपो के कोई जबाव आरटीओ विक्रम सिंह कगं बस मालिकों को नही दे पाए, बस मालिकों ने कहा कि विभाग ने 1-1 लाख रूपए लेकर हर पॉच-पॉच में मिनिट में परमिट जारी कर दिए है।
कुल मिलाकर आरटीओ शिवपुरी जो सिंघम बनकर बस मालिको पर दबाव बनाना चाहते थे। वह बन नही पाया उल्टे बस मालिकों ने आरटीओ कार्यालय में दौड रही भ्रष्टाचार एक्सप्रेस की कलई खोल दी है।

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