गर्भस्थ शिशु की मौत: ग्रामीणों ने अस्पताल घेरा

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शिवपुरी। बदरवास स्वास्थ्य केन्द्र में विगत दिवस गर्भ में बच्चे की मौत होने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। आज सुबह प्रसूता रामकली के गांव के एक सैंकड़ा से अधिक लोगों ने अस्पताल में पहुंचकर डॉक्टरों के खिलाफ नारेबाजी की और थाने पहुंचकर डॉक्टर आरएल पिप्पल के खिलाफ एफआईआर की मांग करते हुए एक शिकायती आवेदन पुलिस को सौंपा।

विदित हो कि सोमवार की शाम एक प्रसूता रामकली पत्नी सरवन आदिवासी को प्रसव पीड़ा के बाद बदरवास स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती कराया गया। प्रसूता के पति सरवन आदिवासी का आरोप है कि ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर और नर्स ने प्रसूता की  डिलेवरी के लिए रुपयों की मांग की।

बताया गया है कि जब डॉक्टर को रुपये नहीं दिये गये तो डॉक्टर ने उसे शिवपुरी रैफर कर दिया जहां शिवपुरी जाते समय रास्ते में गर्भ में बच्चे ने दम तोड़ दिया जिससे नाराज होकर प्रसूता के परिजनों ने स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचकर हंगामा कर तोडफ़ोड़ करने के आरोप भी इस आदिवासी समाज के लोगो पर लगे है। शिवपुरी जाने के लिए प्रसूता को अस्पताल में जननी एक्सप्रेस भी उपलब्ध नहीं कराई गई जिस कारण देरी हो जाने से बच्चे ने दम तोड़ दिया।

आज सुबह लगभग एक सैंकड़ा से अधिक ग्रामीणों ने अस्पताल में पहुंचकर डॉक्टरों के खिलाफ नारेबाजी की और लापरवाही के आरोप लगाते हुए थाने पहुंचे और एक शिकायती आवेदन पुलिस को सौंपा जिस पर डॉक्टर पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।

रामकली आदिवासी के गर्भ में उसके बच्चे की मौत डॉक्टरों की लापरवाही के कारण हुई है। परिजनों ने डॉक्टरों पर रुपये मांगने का भी आरोप लगाया है और डॉक्टर पर लापरवाहीपूर्ण तरीके से इलाज करने का आरोप लगाते हुए डॉक्टर पिप्पल पर एफआईआर के लिए एक आवेदन भी सौंपा है जिसकी जांच की जा रही है जांच के बाद ही कोई प्रकरण कायम किया जायेगा।
तिमेश छारी, थाना प्रभारी बदरवास

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