नगरपालिका टेंडरकांड: अब बाबू भर्ती हो गया ICU में

Updesh Awasthee
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शिवपुरी। ये शिवपुरी नगरपालिका में चल रहे भ्रष्टाचार का लाइव टेलीकास्ट है। जिसमें मुख्य किरदार निभा रहे हैं नगरपालिका शिवपुरी के सीएमओ। 5 करोड़ के इस टेंडर के लिए सीएमओ क्या क्या नहीं कर रहे। पहले टेंडर की शर्तें इस तरह से बनाईं कि केवल उसी ठेकेदार को काम मिल पाए जो उनका पार्टनर है। मीडिया में जब हंगामा मचा तो शर्तें हटा दीं लेकिन ठेकेदार की एफडीआर मिलने के बाद भी उसे रजिस्टर में दर्ज नहीं होने दिया। इसके बाद भी जब हंगामा हुआ, घर पर घेराव हो गया तो भाग गए, मीडिया से बचते रहे और अंत में एक शातिर चाल चलते हुए उस बाबू को आईसीयू में भर्ती करवा दिया जिसके माध्यम से रेट खुलने थे। 

सबमर्सिबल पंप क्रय, ब्लीचिंग पाउडर क्रय, फेरिक एलम क्रय, एसी.सीआई सामग्री क्रय, पंप मोटर मरम्मत के काम के 5 करोड टेंडरों की रेट बुधवार को कल खुलनी थी परन्तु नपा सीएमओ कमलेश शर्मा इस टेंडर को उस ठेकेदार को दिलवाना चाहते हैं जिसके साथ उनकी पार्टनरशिपिंग है। 

जानकारी के अनुसार नगर पालिका में 5 करोड़ रुपए के विभिन्न कामों के ठेके को लेकर ऑनलाइन टेंडरों की रेट बुधवार को खुलनी थी लेकिन संबंधित शाखा के एक बाबू सुरेश सोनी की तबीयत खराब होने और उसके आईसीयू में भर्ती होने के कारण रेट ओपन नहीं हो सके। 

इस बाबू के पास ही ऑनलाइन व्यवस्था में रेट डालने वाले ठेकेदारों की जमा राशि की एफडीआर रखी थीं। जिन्हें 7 अप्रैल को जमा कराया गया था। बाबू के पास जमा एफडीआर का मिलान होना था इसके बाद बुधवार को रेट ओपन होने थे लेकिन यह रेट खोले नहीं गए। नपा में चर्चा है कि कुछ ठेकेदारों के दबाव के कारण सीएमओ ने इस बाबू की तबीयत खराब करा दी है और इस कारण टेंडरो की रेट ओपन होने में ओर कुछ समय मिल गया है।

इस पांच करोड़ के ठेके के लिए बीते कुछ दिनों से पूल बनाने के लिए ठेकेदार लगे हुए थे। पूल बनाकर के ज्यादा रेट में यह ठेका लेना चाहते हैं लेकिन आखिरी तारीख तक इनमें बात नहीं बनी और ऑनलाइन रेट डाल दिए इसके बाद 70 से ज्यादा ठेकेदारों की एफ डीआर मंगलवार को नपा कार्यालय में जमा हुईं। अब नपा प्रशासन पूल बनवाकर इस टेंडर को अपने चहेते को दिलवाने की जुगाड में है।

ठेकेदार लॉबी इस फिराक में है कि मामला एक दो दिन इसी तरह पेंडिंग बना रहे जिससे वह आपस में पूल बनाकर के सेटिंग कर ले और कुछ के एफडीआर वापस लेकर कम रेट वाले ठेकेदार के फार्म ओपन न कराए जाएं। वहीं सीएमओ का कहना है कि बाबू की तबीयत सही होते ही रेट जल्द ओपन कराए जाएंगे। 

बाबू की तबीयत ठीक होते ही रेट ओपन कराएंगे 
जिस बाबू के पास एफडीआर जमा हैं उसकी तबीयत खराब हो गई। इससे रेट ओपन करने का काम आगे बढ़ाया गया है। बाबू के सही होते ही रेट ओपन कराए जाएंगे। हम किसी भी ठेकेदार के दबाव में नहीं है। बाबू पर ही एफडीआर है और उसी से रजिस्टर व आईं एफडीआर का मिलान हो सकता था इसलिए मामला आगे बढ़ाया है। 
कमलेश शर्मा, सीएमओ नपा शिवपुरी 

कलेक्टर क्यों चुप है
इस मामले में आश्चर्यजनक तो यह है कि कलेक्टर शिवपुरी क्यों चुप हैं। एक अधिकारी काली कमाई के लिए नियमों से खेल रहा है। साफ दिखाई दे रहा है कि वो मनमानी कर रहा है। बावजूद इसके कलेक्टर शिवपुरी इस मामले को संज्ञान में नहीं ले रहे हैं। कोई ऐसी व्यवस्था नहीं बनाई जा रही है कि टेंडर प्रक्रिया ईमानदारी से और न्यायपूर्ण हो। प्रश्न सिर्फ यह है कि आखिर ऐसा क्यों ? क्या किसी घोटाले को होने से पहले नहीं रोक दिया जाना चाहिए। क्या सीएमओ ने पूरा जिला प्रशासन अपने मुट्ठी में ले लिया है। 

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