शिवपुरी। नगर में आज हनुमान जयंती बड़े उत्साह व उल्लास के साथ मनाई जाएगी। हालांकि हनुमान जयंती पर चन्द्रग्रहण का प्रभाव भी देखने को मिलेगा। बाबजूद इसके अलसुबह और देर शाम को ग्रहण पश्चात हनुमान जयंती मनाए जाने का कार्यक्रम नगर के विभिन्न मंदिरों पर किया गया है। नगर में हनुमान जयंती को लेकर लोगों में बड़ा उत्साह है वहीं दूसरी ओर सुबह से देर शाम तक मंदिर के कपाट बंद रहेंगें लेकिन इस दौरान अनेकों धर्मप्रेमीजन विशेष साधना करेंगें।
श्रीखेड़ापति मंदिर पर कथा संपन्न, सुन्दरकाण्ड व भजन होंगें
नगर के श्री खेड़ापति हनुमान मंदिर पर चन्द्रग्रहण के प्रभाव के बाद भी देर रात्रि केे समय श्रीमद् भागवत कथा के संपन्न होने के बाद सुन्दरकाण्ड का आयोजन होगा व रात्रि के समय भजन-कीर्तन भी होंगें। मंदिर महंत लक्ष्मणदास त्यागी जी महाराज व श्रीमद् भागवत कथा वाचक पं.नीलेश कृष्ण शास्त्री के सानिध्य में धर्मप्रेमीजनों द्वारा हनुमान जयंती मनाई जाएगी।
बांकड़े मंदिर पर होंगें सांस्कृति कार्यक्रम
शहर से 8 किमी दूर स्थित सिद्ध क्षेत्र स्थल श्री बांकड़े हनुमान मंदिर पर चन्द्रग्रहण के प्रभाव के बाद भी श्री हनुमान जयंती को लेकर व्यापक तैयारियां की गई है। मंदिर महंत गिरिराज जी महाराज व डॉ.गिरीश जी महाराज के सानिध्य में हनुमान जयंती मनाई जाएगी। जहां प्रभु भक्ति व अन्य सांस्कृति कार्यक्रम भी होंगें। दूर-दूर से लोग श्री बांकड़े मंदिर पहुंचकर पुण्य लाभ अर्जित करेंगें। यहां मंदिर के कपाट बंद होने के बाद भी अन्य कार्यक्रम विधिवत रूप से जारी रहेंगें, देर शाम को सुन्दरकाण्ड व भण्डारे का आयोजन भी होगा।
नवग्रह मंदिर पर विशेष आयोजन
नगर के एबी रोड़ स्थित श्री नवग्रह हनुमान मंदिर पर विशेष आयोजन किए जाऐंगें। यहां मंदिर महंत के निर्देशन में विशेष पूजा अर्चना अलसुबह व देर रात्रि को कराई जाएगी साथ ही भजन मण्डली के माध्यम से भक्तजन सुमधुर भजन संध्या का लाभ लेंगें। इस अवसर पर मंदिर को रंगरोगन व सजावट के साथ हनुमानजी दर्शन का विशेष लाभ मिलेगा। हनुमान जयंती कार्यक्रम को नवग्रह मंदिर पर अनेकों भक्तजनों कई प्रकार के आयोजन किए जाने की रूपरेखा भी बनाई गई है।
बड़े हनुमान मंदिर पर उत्साह से मनेगी हनुमान जयंती
शहर के एबी रोड़ स्थित तुलसी आश्रम श्री बड़े हनुमान मंदिर पर महंत पुरूषोत्तमदास जी महाराज के सानिध्य में बड़े उत्साह के साथ हनुमान जयंती मनाई जाएगी। यहां विधिवत पूजन-अर्चना कार्यक्रम अलसुबह रखा गया है व दिन भर अन्य कार्यक्रम होंगें। नगर में दूर-दूर से आने वाले धर्मप्रेमीजनों को मंदिर स्थल पर हनुमान जयंती के अवसर पर विशेष पूजा भी कराई जाएगी।
चिंताहरण मंदिर पर होगा सुन्दरकाण्ड
शहर के छत्री रोड़ स्थित श्रीचिंताहरण हनुमान मंदिर पर बड़े उत्साह के साथ हनुमान जयंती मनाई जाएगी। यहां चन्द्रग्रहण के प्रभाव के बाद भी अन्य कार्यक्रम होंगें और मंदिर के कपाट बंद होने के बाद देर शाम को खुलते ही सुन्दरकाण्ड का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान अनेकों धर्मप्रेमीजनों द्वारा कई अनुष्ठान कराए जाऐंगें।
श्रीपाताली हनुमान मंदिर पर उत्साह से मनेगी हनुमान जयंती
वार्ड नं.17 लुधावली स्थित प्रसिद्ध श्रीपाताली हनुमान मंदिर पर महंत लक्ष्मणदास जी महाराज के सानिध्य में हनुमान जयंती मनाई जाएगी। यहां चन्द्रग्रहण का प्रभाव नजर आएगा, बाबजूद इसके यहां हनुमान जयंती को लेकर कई प्रकार की तैयारियां की गई है। जिसमें समस्त लुधावलीवासी व अन्य क्षेत्रों से धर्मप्रेमीजन पहुंचकर पुण्य लाभ अर्जित करेंगें।
मंशापूर्ण व पंचमुखी हनुमान मंदिर पर रहेगी रौनक
शहर के एबी रोड़ स्थित श्रीपंचमुखी हनुमान मंदिर एवं मंशापूर्ण मंदिर पर भी हनुमान जयंती के आयोजन को लेकर व्यापक तैयारियां की गई है। यहां मंशापूर्ण मंदिर पर जहां हनुमान जयंती के दिन विशाल भण्डारे का आयोजन किया गया है तो वहीं देर शाम को भजन संध्या का लुत्फ भी धर्मप्रेमीजन ले सकेंगें। इसके अलावा पंचमुखी हनुमान मंदिर पर विशेष अनुष्ठान किए जाने की तैयारी है। यहां मंदिर महंत के निर्देशन में हनुमान जयंती मनाई जाएगी।
दिखेगा चन्द्रग्रहण का प्रभाव, केवल साधना करना होगा उत्तम
पं.विकासदीप शर्मा के अनुसार बताया गया है कि खग्रास ग्रस्तोदय चन्द्र ग्रहण 04 अप्रैल 2015 भारत में भी इसका पूर्ण प्रभाव रहेगा। यह खग्रास चन्द्र ग्रहण 04 अप्रैल 2015 को स पूर्ण भारत में ग्रस्तोदय रूप में दिखाई देगा मतलब भारत के किसी भी नगर में जब चन्द्रोदय होगा उससे काफ ी पहले ही चन्द्र ग्रहण प्रार भ हो चुका होगा। पं.विकासदीप के अनुसार इस बार हनुमान जयंती पर नही हो सकेंगे पवन पुत्र के दर्शन, क्योंकि चंद्र ग्रहण होने से मंदिरो के पट बंद हो जाते है और दर्शन भी ग्रहण काल में नही किये जाते है। हनुमान जयंती पर ग्रहण होने से प्रात मंगल आरती के बाद मंदिरो के पट बंद हो जाएंगे। कई मंदिरो के पुजारियो ने हनुमान जयंती मनाने के लिए इसका दूसरा तोड़ निकाल लिया है की एक दिन पूर्व ही हनुमान जयंती पर्व मना लिया जाए जबकि नियम अनुसार पूर्णिमा के दिन ही हनुमानजी का जन्म दिवस होता है और पूर्णिमा 4 अप्रैल को ही है। पं.विकासदीप ने बताया कि शास्त्र अनुसार ग्रहण काल में मंदिर जाना और दर्शन करना दोनों वर्जित ही है इसमें देव दोष लगता है इसलिए ग्रहण काल में केवल साधना करना उत्तम बताया है।


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