शिवपुरी। प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट पोहरी एमके वर्मा की अदालत में सोमवार को हुए एक चर्चित कालामड के फर्जी पट्टाकांड के आरोपी सचिव को तीन वर्ष के कठोर कारावास एवं दो हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई गई।
जबकि मामले के दूसरे आरोपी सरपंच बाबूलाल रावत की पूर्व में ही मौत हो चुकी है। शासन की ओर से पैरवी विशाल काबरा ने की।
अभियोजन के अनुसार कालामड के तत्कालीन सचिव रामबाबू पुत्र सरवन धाकड ने सरपंच बाबूलाल रावत के साथ मिलकर सादा कागज पर प्रोफ ार्मा बनाकर कई लोगों को शासकीय भूमि का पट्टा देकर रकम ऐंठ ली थी।
इस मामले की शिकायत लक्ष्मीनारायण पुत्र गयाप्रसाद ओझा निवासी न्यू कॉलोनी बैराड ने की थी। जिसमें तत्कालीन एसडीएम संजय मिश्रा ने मामले की जांच करवाकर सरपंच बाबूलाल रावत एवं सचिव रामबाबू धाकड, को दोषी पाते हुए बैराड पुलिस को मामला दर्ज करने का आदेश दिया था।
पुलिस ने धारा 420ए 467, 468 आईपीसी में मामला दर्ज कर 29 जून 2000 को न्यायालय में चालान पेश किया था। मामले की सुनवाई के दौरान कुछ दिन पूर्व तत्कालीन एसडीएम संजय मिश्रा के भी न्यायालय में बयान हुए। पंद्रह साल पूर्व चालान पेश करने के बाद फैसले में इतनी देरी हुई कि दूसरे आरोपी सरपंच बाबूलाल की इस दौरान मृत्यु हो गई।
न्यायाधीश श्री वर्मा ने पक्ष एवं विपक्ष के वकीलों की दलील सुनने के बाद सचिव रामबाबू को दोषी पाते हुए उक्त सजा से दंडित किया।
EOW में भी चल रहा है मामला
पोहरी के कालामड में हुआ फर्जी पट्टाकांड जिले का सबसे बडा जमीन घोटाला है। जिसमें ईओडब्ल्यू भी एक साल पूर्व न केवल सरपंच-सचिव बल्कि कई राजस्व अधिकारियों को दोषी मानते हुए मामला दर्ज कर चुका है। लेकिन अभी तक कोई भी कार्रवाई आगे नहीं बड सकी।

प्रतिक्रियाएं मूल्यवान होतीं हैं क्योंकि वो समाज का असली चेहरा सामने लातीं हैं। अब एक तरफा मीडियागिरी का माहौल खत्म हुआ। संपादक जो चाहे वो जबरन पाठकों को नहीं पढ़ा सकते। शिवपुरी समाचार आपका अपना मंच है, यहां अभिव्यक्ति की आजादी का पूरा अवसर उपलब्ध है। केवल मूक पाठक मत बनिए, सक्रिय साथी बनिए, ताकि अपन सब मिलकर बना पाएं एक अच्छी और सच्ची शिवपुरी। आपकी एक प्रतिक्रिया मुद्दों को नया मोड़ दे सकती है। इसलिए प्रतिक्रिया जरूर दर्ज करें।