शिवपुरी। करैरा के इंडियन तिब्बत सीमा पुलिस कै पस परिसर में संचालित केन्द्रीय विद्यालय में पढने वाले 1 दर्जन बच्चे बीमार हो गए। डॉक्टरो ने बताया कि यह सभी दूषित पानी पीने के कारण हुआ है। बच्चो के अभिभावको ने सीधा स्कुल पंहुच कर बच्चो पेयजल टंकी को चैक किया तो उसमे मरा हुआ चूहा,छिपकली सडते हुए दिखे।
पानी की टंकी मे चूहा और छिपकली को सडते देख अभिभावक भड़क गए। उन्होने इस मामले में जब स्कूल प्रबंधन से चर्चा की तो प्रबंधन ने कोई भी सकरात्तमक जबाब नही दिया।
अ िाभावकों ने आईटीवीपी के कंमाडेंड से मिलने को कहा तो कंमाडेंड ने मिलना मुनासिब नही समझा। अभिभावकों ने इस मामले में ज्ञापन देने की कार्रवाई की तो स्कुल प्रंबधन की मनमानी सामने आई।
स्कुल प्रंबधन ने स्कुल के एक बाबू का ज्ञापन लेने भेज दिया। इस बाबू को ज्ञापन सौपकर ही बच्चो के अभिभावको को संतोष करना पडा।
बताया गया है कि बच्चो पानी में बदबू आने की शिकायत कई दिनो से कर रहे थे,लेकिन स्कुल प्रंबधन ने बच्चो की इस शिकायत पर कोई ध्यान नही दिया। इसकी परिणिती यह रही की कई दिनो से पानी की टंकी में चूहा और छिपकली सडते हुए मिले।
.jpg)
प्रतिक्रियाएं मूल्यवान होतीं हैं क्योंकि वो समाज का असली चेहरा सामने लातीं हैं। अब एक तरफा मीडियागिरी का माहौल खत्म हुआ। संपादक जो चाहे वो जबरन पाठकों को नहीं पढ़ा सकते। शिवपुरी समाचार आपका अपना मंच है, यहां अभिव्यक्ति की आजादी का पूरा अवसर उपलब्ध है। केवल मूक पाठक मत बनिए, सक्रिय साथी बनिए, ताकि अपन सब मिलकर बना पाएं एक अच्छी और सच्ची शिवपुरी। आपकी एक प्रतिक्रिया मुद्दों को नया मोड़ दे सकती है। इसलिए प्रतिक्रिया जरूर दर्ज करें।