जायका रेस्टोरेंट से मुक्त हुए बंधुआ को बालगृह ने ठुकराया

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शिवपुरी। चाइल्ड लाइन एवं बाल कल्याण समिति की पहल से कल नेपाल से आये एक नाबालिग बच्चे को जायका होटल में बंधुआ मजदूरी से मुक्त करा लिया गया, लेकिन जब इस बच्चे को अस्थाई रूप से बालगृह में भेजा गया तो बालगृह की संचालिका ने उक्त बालक को यह कहकर नहीं रखा कि उसकी उम्र अधिक है।

इसके बाद उक्त बालक के ठहरने की व्यवस्था विशेष किशोर पुलिस इकाई में की गई। बाल संरक्षण समिति के अध्यक्ष जिनेन्द्र जैन ने अपनी प्रतिक्रिया में बालगृह प्रबंधन के रुख को असंवेदनशील करार देते हुए कहा कि इसके खिलाफ स त कार्यवाही की जायेगी।

जानकारी के अनुसार कोमल उर्फ तिलक पुत्र टेमके उम्र 15 वर्ष ग्राम बालकोट उरचलपुम स्कूल के पास ठुल्लापुर भूडाले के पास नेपाल जो आज से चार वर्ष पहले बिछड़ गया। तभी से वह कई जगह काम करते हुए अपना जीवन यापन कर रहा था।

कोमल ने बताया कि उसने लखनऊ के पास में स्थित खुरई गांव में पहुंचा जहां कुछ दिनों तक मसाला फैक्ट्री में पैकिंग का काम किया। इसके बाद में उसके कुछ साथियों के साथ वह ग्वालियर आ गया जहां जनरल स्टोर परवीन की दुकान पर काम करते हुए एक ब्रजवासी होटल पर 1500 रूपए की पगार पर काम किया इसके बाद वह दो वर्ष पहले शिवपुरी स्थित जायका होटल में आ गया जहां वह काम कर रहा था।

बाल कल्याण समिति के सदस्यों ने उक्त बालक को होटल से बरामद कर उसे बंधुआ मजदूरी से मुक्त कराया। इसके बाद बाल संरक्षण समिति ने आदेश बनाकर उक्त बालक को बालगृह में भिजवाया।

बालगृह फिजीकल क्षेत्र में शकुंतला परमार्थ समिति द्वारा संचालित की जाती है जिसके अधीक्षक श्री रघुवंशी और संचालिका शकुंतला परमार्थ समिति की सचिव शैला अग्रवाल है। चाइल्ड लाइन के कर्मचारियों ने बताया कि बालक की अधिक उम्र बताते हुए उसे बालगृह प्रबंधन ने रखने से इनकार कर दिया और बालगृह संरक्षण अधिकारी श्री पाण्डेय ने भी उनसे उक्त बालक को रखने को कहा, लेकिन परिणाम कुछ नहीं निकला।

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