शिवपुरी। अतिक्रमणकारी भी क्या कुछ कर लें, कोई नहीं जानता और नगरपालिका के सीएमओ किस अतिक्रमण पर कार्रवाई करें किस मामले में रिश्वत लेकर चुप रह जाएं यह भी कहा नहीं जा सकता। मामला प्रज्ञा बाल मंदिर का है। साफ दिखाई दे रहा है कि अतिक्रमण में तान दिया गया, लेकिन हाथ ठेले वालों पर नकेल कसने वाली नगरपालिका चुप है।
100 प्रतिशत शुद्ध अतिक्रमण में तना यह स्कूल कहीं छिपा नहीं बल्कि नवाब साहब रोड के मुख्यमार्ग पर स्थित है। बताया जाता है कि इस स्कूल संचालक के नेताओं से बड़े अच्छे संबंध हैं और जिम्मेदार अधिकारियों को वो सारी चीजें उपलब्ध कराई जातीं हैं जो उनकी डिमांड होती है। अब एक तरफ सत्तारूढ़ दल का दबदबा और दूसरी ओर अधिकारियों का आशीर्वाद, बेचारे पड़ौसी तो शिकायत करने से भी डरते हैं।
इसी मध्यप्रदेश के भोपाल व इंदौर जैसे शहरों में इस तरह के अतिक्रमण को डायनामाइट से उड़ा दिया जाता है। ऐसे कई उदाहरण हैं परंतु यह तो शिवपुरी है, श्रीमंत की शिवपुरी। यहां के नियम ही अलग हैं। अब देखना यह है कि इस खुलासे के बाद कलेक्टर शिवपुरी इस मामले को संज्ञान में लेने की हिम्मत जुटा पाते हैं कि श्रीमंत का जलवा यहां भी कायम रहेगा।

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