सिंधिया की सांसद निधि का सौतेला सिस्टम, भाजपा ने किया तीव्र विरोध

shailendra gupta
शिवपुरी। गुना संसदीय क्षेत्र के सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने उनके पक्ष में सर्वश्रेष्ठ परिणाम देने वाले दस पोलिंग बूथों का चयन कर प्रति पोलिंग बूथ निर्माण कार्य हेतु अपने फण्ड से पांच-पांच लाख रूपये देने की घोषणा की है लेकिन भाजपा ने उनकी घोषणा को पक्षपातपूर्ण बताते हुए उनकी घेराबंदी की है।

भाजपा जिलाध्यक्ष रणवीर सिंह रावत के अनुसार सांसद की यह सोच संकीर्ण विचारधारा की प्रतीक है। पारिवारिक रिश्तों की बात करने वाले श्री सिंधिया को अपने को मत देने वाले और न देने वालों के बीच भेदभाव नहीं करना चाहिए। उनकी दृष्टि तो पूरे संसदीय क्षेत्र में एक समान होनी चाहिए।

जिपं अध्यक्ष जितेन्द्र जैन गोटू ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि श्री सिंधिया पूरे संसदीय क्षेत्र के सांसद हैं और उनकी सोच लोकतंत्र की भावना के विपरीत है। हालांकि कांग्रेस के सांसद प्रतिनिधि हरवीर सिंह रघुवंशी और शहर कांग्रेस अध्यक्ष राकेश जैन आमोल श्री सिंधिया के बचाव में सामने आए हैं और उन्होंने कहा है कि यदि श्री सिंधिया के मन में पक्षपात की भावना होती तो वह शहर में पेयजल संकट के निवारण के लिए सांसद निधि से 18 लाख रूपये स्वीकृत नहीं करते। शहर में श्री सिंधिया लगभग 12 हजार मतों से भाजपा प्रत्याशी जयभान सिंह पवैया से पीछे रहे थे।

कल सिंधिया जन संपर्क कार्यालय द्वारा जारी प्रेस बयान में बताया गया था कि संसदीय क्षेत्र के आठों विधानसभा क्षेत्रों के चुनाव परिणाम का विश£ेषण करते हुए प्रत्येक विधानसभा में कांग्रेस के पक्ष में सर्वश्रेष्ठ चुनाव परिणाम देने वाले दस पोलिंग बूथों का चयन कर प्रति पोलिंग बूथ पांच-पांच लाख रूपये सांसद निधि से स्वीकृत करने का निर्णय लिया है। कोलारस में इसके तहत ग्राम चकरा, लिलवारा, अलावदी, ओडेरा, धुवा, बेदमहू, बसई, दामगी, जूर एवं पड़ोरा सड़क का चयन किया गया।

इसी प्रकार पिछोर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम करारखेड़ा, अमरखो, मनका, चककोला, रिजौदा, खड़ीचरा, पहाड़ाकला, गताझलकोई, बामौर, काली पहाड़ी, मनपुरा और नाद का चयन कर इनमें पांच-पांच लाख रूपये के निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए हैं। खास बात यह है कि यहां से श्री सिंधिया को भाजपा की तुलना में काफी अच्छे मत प्राप्त हुए थे और उसी आधार पर प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस के पक्ष में टोप टेन पोलिंग बूथों का चयन कर उन्हें पांच-पांच लाख रूपये की राशि स्वीकृत की गई थी।

इसकी भाजपा में तीखी प्रतिक्रिया है। भाजपा ने प्रेस बयान में कहा है कि लोकतंत्र में इस तरह की सोच को स्वस्थ नहीं कहा जा सकता। सांसद पूरे संसदीय क्षेत्र का होता है और उसे समान दृष्टि से समूचे क्षेत्र का ध्यान रखना चाहिए। सांसद निधि क्षेत्र के विकास की निधि होती है और उसका इस्तेमाल उन क्षेत्रों में होना चाहिए जहां कम विकास हुआ है न कि राजनैतिक आधार पर विकास निधि का वितरणहोना चाहिए।

लेकिन इस उदाहरण से सिद्ध हो गया है कि कांग्रेस राजनीतिक आधार पर क्षेत्र से भेदभाव करती है और इसी के परिणामस्वरूप कांग्रेस को पराजय का सामना करना पड़ा। क्षेत्र की जनता से सांसद के 250 साल पुराने रिश्तों का पैमाना क्या इसी तरह की सोच है। भाजपा नेता अजय खेमरिया ने तो यहां तक कहा कि वह इस बाबत् लोकसभाध्यक्ष को पत्र लिखकर सांसद को अपात्र घोषित करने की मांग कर रहे हैं।

इनका कहना है:-
* सिंधिया जी किसी के साथ भेदभाव नहीं करते। टोप टेन पोलिंग बूथों को विकास हेतु पांच-पांच लाख रूपये देने का यह अर्थ नहीं है कि अन्य इलाकों को कुछ नहीं मिलेगा। बारी-बारी से समूचे क्षेत्र को विकास हेतु सांसद निधि से राशि दी जाएगी। श्री सिंधिया के मन में यदि पक्षपात होता तो शहर की पेयजल समस्या को सुलझाने के लिए वह अपने फण्ड से 18 लाख रूपये नहीं देते।
हरवीर सिंह रघुवंशी
सांसद प्रतिनिधि

* सिंधिया जी कभी पक्षपात नहीं करते। उनकी दृष्टि में भेदभाव नहीं है। मोदी लहर में भी उनकी जीत उनकी असंदिग्ध लोकप्रियता की परिचायक है। अच्छा काम करने वालों को पुरस्कृत करने का कतई अर्थ यह नहीं है कि अन्यों से पक्षपात किया जा रहा है।
राकेश जैन
अध्यक्ष शहर कांग्रेस कमेटी शिवपुरी



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