जलावर्धन योजना के रोड़े हटने के बाद भी मुश्किल में फंसी है योजना!

shailendra gupta
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शिवपुरी। शिवपुरी की महत्वाकांक्षी सिंध पेयजल परियोजना खटाई में पड़ती हुई नजर आ रही है। योजना का काम पूर्ण होने में लगी कानूनी बाधाएं भले ही दूर हो गईं हैं, लेकिन इसके बाद भी आसार नजर नहीं आ रहे कि सिंध परियोजना का काम शीघ्र शुरु हो पाएगा।
क्रियान्वयन एजेन्सी दोशियान कंपनी एक तरह से बोरी बिस्तर बांधकर रवाना हो चुकी है। ठेकेदारों के लाखों रूपये का भुगतान उन्हें करना है। ठेकेदार भुगतान के लिए कंपनी के कार्यालय अहमदाबाद के चक्कर लगा रहे हैं।

नगर पालिका और प्रशासन कंपनी पर काम शुरु करने का दवाब बना रहे हैं, लेकिन कंपनी बढ़ी हुई कॉस्ट की मांग कर रही है। वहीं पीएचई द्वारा बनवाए जा रहे इंटैकवेल का काम भी रुका हुआ है। ठेकेदार को ब्लैक लिस्टेड कर दिया गया है। सूत्र बताते हैं कि 10-15 दिन में यदि काम शुरु नहीं हुआ तो अगले एक-डेढ़ साल तक सिंध का पानी शिवपुरी आने के आसार नहीं है।

लगभग एक साल पहले माधव राष्ट्रीय उद्यान प्रबंधन ने नेशनल पार्क क्षेत्र में पाइप लाइन खुदाई का कार्य शर्तों की अव्हेलना करने के कारण रोक दिया था। हालांकि हाल ही में उच्च न्यायालय ने जनहित में नेशनल पार्क प्रबंधन के आदेश को रद्द कर दिया। नेशनल पार्क प्रबंधन ने मात्र 9 किमी नेशनल पार्क क्षेत्र में खुदाई और पाइप लाइन डालने पर रोक लगाई थी, लेकिन दोशियान कंपनी ने पूरे काम को रोक दिया। सूत्र बताते हैं कि शहर में 200 किमी क्षेत्र में पाइप लाइन डाली जानी प्रस्तावित है। लेकिन नगर पालिका ने अपने प्रोजेक्ट में कंपनी को शहर में मात्र 80 किमी पाइप लाइन डालने की बात बताई। कंपनी ने इसमें से अभी तक 60 किमी पाइप लाइन डाल दी है, लेकिन वास्तविक रुप से अभी 140 किमी पाइप लाइन डालना शेष है। कंपनी पाइप लाइन डालने और अन्य सभी कार्यों के लिए बढ़ी हुई कॉस्ट मांग रही है। सूत्र बताते हैं कि लगभग 15 करोड़ रूपया अतिरिक्त राशि की डिमाण्ड दोशियान कंपनी कर रही है।

काम से अधिक राशि मिली फिर भी कपंनी ने कार्य में नहीं दिखाई रूचि
सूत्र यह भी बताते हैं कि कंपनी काम से अधिक राशि प्राप्त कर चुकी है और उसे काम शुरु करने में कोई रुचि नहीं है। उसे ठेकेदारों का भी लाखों रूपये का भुगतान करना है। पुरानी शिवपुरी निवासी एक अल्पसं यक ठेकेदार को ही दोशियान कंपनी से काम के एवज में लगभग 32 लाख रूपये का भुगतान प्राप्त करना है जिसकी मांग के लिए वह पिछले दिनों अहमदाबाद भी गए थे। इस तरह से दोशियान कंपनी फिलहाल हर तरह से फायदे में है।

कंपनी के मैनेजर हीरेन मकवाना शिवपुरी से नाता छोड़कर इटारसी में कंपनी के कार्य को अंजाम देने में लगे हैं। इसी धींगामस्ती के कारण लगभग 64 करोड़ रूपये की यह योजना 82 करोड़ तक पहुंच गई है और कंपनी द्वारा 15 करोड़ रूपये और बढ़ाने की बात की जा रही है। इन सब दिक्कतों के कारण जल्द ही काम शुरु होने के आसार नजर नहीं आ रहे और ऐसा लग रहा है कि ल बे अरसे तक शिवपुरी वासियों को ट्यूबवैल और चांदपाठे के मलमूत्र युक्त पानी से ही काम चलाना पड़ेगा।  

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