ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति के लिए 1.8 करोड़

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शिवपुरी। गर्मी के मौसम में ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की समस्या से निपटने के लिए सूखा राहत प्रस्ताव में नवीन पेयजल स्त्रोतों के निर्माण व संधारण पर 108 लाख रूपयें की राशि व्यय कर लगभग पौने दो हजार स्त्रोत तैयार किए जावेगें तथा चालू वित्तीय वर्ष में 267 स्थानों पर नवीन पेयजल स्त्रोत विकसित करने का लक्ष्य पी.एच.ई.विभाग को उपलब्ध कराया गया है।
यह जानकारी आज कलेक्टर आर.के.जैन की अध्यक्षता में ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था की समीक्षा बैठक में दी गई। बैठक में कलेक्टर आर.के.जैन, मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के एस.ई. एस.के.त्रिवेदी, डी.ई. एस.पी.शर्मा, कार्यपालन यंत्री लोकस्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग श्री छारी सहित विभाग का मैदानी अमला उपस्थित था। कलेक्टर आर.के.जैन ने कहा कि गर्मी के मौसम में पेयजल की आपूर्ति करना शासन की पहली प्राथमिकता है, इसके लिए शासन द्वारा पर्याप्त धनराशि व संसाधन लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को उपलब्ध कराऐ जा रहे है। उन्होंने निर्देश दिए कि गर्मी के मौसम में विभागीय अमला गंभीरता से कार्य करें तथा ग्रामीण क्षेत्रों के हेण्डपंप व नलजल योजनाओं के संधारण कार्य प्रभावी ढंग से किया जावें। इसके लिए काम में आने वाली सामग्री आदि की व्यवस्था शासन निर्देशानुसार की जावें। उन्होंने सभी उपयंत्रियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित भ्रमण करें तथा उन्हें आवंटित लक्ष्य की पूर्ति निर्धारित समय सीमा में करें।

नल-जल योजनाओं की हुई समीक्षा
कलेक्टर श्री जैन ने बैठक में बंद पड़ी नलजल योजनाओं वार समीक्षा की तथा जो नलजल योजनाऐं विद्युत कनेक्शन न होने या विद्युत कनेक्शन विक्षेदित हो जाने के कारण बंद हो गई है। उनको 15 जून तक चालू कराने के निर्देश विद्युत मण्डल व पीएचई विभाग के अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि विद्युत मण्डल निर्धारित समय सीमा में नवीन कनेक्शन प्रदान करें। जिसमें आने वाले खर्च की राशि पी.एच.ई. विभाग द्वारा उपलब्ध कराई जावेगी। बैठक में नलजल योजना मुहार्स, नगरेला, सिलपुरा, देवखो, बदरवास, नगुली, हुदावली, रामनगरगदाई, सुनाई, कार्या, भड़ोता, दीघोदा, मोराई देवपुरा, सागोली, इंदरगढ़ आदि के विषय में विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने जिले की 123 आंगनवाड़ी केन्द्रों पर हेण्डपंप खनन कार्य का बेरीफिकेशन कराने तथा वर्ष 2014-15 के लिए 18 आंगनवाड़ी केन्द्रों पर हैण्डपंप खनन कराने के निर्देश भी कार्यपालन यंत्री को दिए। उन्होंने कहा कि सांसद और विधायकगणों द्वारा उनकी मौलिक निधि से स्वीकृत किए गए, हेण्डपंपों का खनन कार्य शीघ्र पूर्ण कराया जावें। जिससे चालू मौसम में ही ग्रामीणों को उसका लाभ प्राप्त हो सकें।

कार्यपालन यंत्री ने खोला किए गए कार्यों का चिठ्ठा
बैठक में कार्यपालन यंत्री श्री छारी ने विभागीय कार्यवाहियों का चिठ्ठा खोलते हुए बताया कि विभागीय सूखा राहत मद में जिले को 108.37 लाख रूपये की राशि से 1868 कार्य कराऐ जाना है, जिनमें 48 लाख 50 हजार रूपये की राशि से 50 नवीन हेण्डपंपों का खनन कार्य, 19 लाख 20 हजार रूपये की राशि से जलस्तर गिरने से बंद होने वाले नलकूपों में सिंगल फेश पंपों की व्यवस्था करना, सात लाख रूपयें की राशि से 50 हेण्डपंपों में हाईड्रो फैक्चरिंग कार्य कराना, 6 लाख रूपये की राशि से 40 हेण्डपंपों की सफाई कर 2 लाख 87 हजार रूपयें की राशि से 1500 हेण्डपंपों में पाइप लाइन का विस्तार, 20 लाख रूपये की राशि से सार्वजनिक उपयोग के हेण्डपंपों का संधारण कार्य कराये जाने की अनुमति उसके साथ ही संधारण कार्य के लिए 4 लाख 80 हजार रूपये की राशि 4 वाहनों की व्यवस्था हेतु दी गई है। इसीप्रकार चालू वित्तीय वर्ष मे विभाग द्वारा 170 बसाहटों में, 39 विद्यालयों, 18 आंगनवाड़ी केन्द्रों में पेयजल व्यवस्था, 40 नलजल योजनाओं के क्रियान्वयन करने तथा 600 टूटे-फूटे प्लेटफार्म के निर्माण करने के कार्य का लक्ष्य विभाग को दिया गया है।

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