शिवपुरी। प्राईवेट स्कूलो में पढने वाले बच्चो के पेरेन्ट्स की जेबो पर पडने वाले बोझ को कलेक्टर शिवपुरी के एक आदेश से खत्म कर दिया है। अभी प्राईवेट स्कूलों में पढने वाले बच्चों की यूनिफॉर्म की कमीशन खोरी और कोर्स के सबंध में कलेक्टर शिवपुुरी आरके जैन ने आदेश दिया है, कि सीबीएसई पेटर्न को फोलो करने वाले सभी स्कूल एनसीईआरटी की ही पुस्तके बच्चो को पढाया जायेगा।
विदित हो अभी सभी प्राईवेट स्कूल प्राईवेट प्रकाशकों की किताबों को खरिदने के लिए बच्चो के पेरेन्ट्स को फोर्स कर रहे थे ओैर ये किताबो का मुल्य कक्षा 1 से 8 तक की 1000-4000 रुपए था और इन किताबो को किसी एक ही चिन्हित दुकान से विक्रय कराई जा रही थी और इन किताबो को प्रिंट रेट से बिकबाकर, कोर्स घोटाले को अंजाम दिया जा रहा था अभी पालक संघ इस संबध में कलेक्टर शिवपुरी को ज्ञापन भी सौपा था। एनसीईआरटी की पुस्तको का कक्षा आठ तक का अधिकतम मुल्य 400 रूपये बताया जा रहा है।
पाढिए कलेक्टर शिवपुरी आरके जैन ने सभी प्राईवेट स्कूलो को दिया गया आदेश
प्राईवेट विद्यालयों द्वारा एनसीईआरटी के स्थान पर प्राईवेट प्रकाशकों की पुस्तके चलाकर बच्चों और उनके अभिभावकों पर पढऩे वाले वित्तीय भार तथा मानसिक क्लेश को कम करने के उद्देश्य से कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री आर.के.जैन ने दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के द्वारा जिले के सभी सी.बी.एस.ई. स बद्ध विद्यालयों को निर्देशित किया है।
कलेक्टर श्री जैन ने छात्रों को उनकी उम्र के अनुरूप मनोरंजन युक्त स्तरीय शिक्षा प्रदाय करने, उनके स्वास्थ्य के साथ हो रहे खिलवाड़ तथा अत्याचार को रोकने, छात्रों के अभिभावकों पर पढ़ रहे अनावश्यक वित्तीय भार एवं मानसिक क्लेश पर विराम लगाने तथा भविष्य में उक्त के परिपेक्ष्य में संभावित कानून व्यवस्था की स्थिति निर्मित न हो, को दृष्टिगत रखते हुए दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के अंतर्गत शैक्षणिक सत्र 2014-2015 से शिवपुरी जिला अंतर्गत सीबीएसई से संबद्ध विद्यालयों को निर्देशित किया है कि वह अपने विद्यालय में कक्षा 01 से 08 तक एनसीईआरटी द्वारा प्रकाशित पुस्तकों को ही छात्रों के लिये अनुशंसित करेगें, कक्षा 01 से 05 तक केवल आर्ट व का ट हेतु अन्य प्रकाशन की पुस्तकें अनुशंसित की जा सकती है, कक्षा 03 से 05 तक के छात्र-छात्राओं को क प्यूटर की जानकारी पुस्तक अनुशंसित किये बिना दी जावे, कक्षा 06 से 08 तक के छात्र-छात्राओं के लिये क प्यूटर शिक्षा व आर्ट एण्ड क्रा ट हेतु अन्य प्रकाशक द्वारा प्रकाशित पुस्तक को अनुशंसित किया जा सकता है, सी.बी.एस.ई. के परिपत्र क्रमांक-12 दिनांक 22.06.2006 के अनुपालन में कक्षा 09 से 12 तक केवल एनसीईआरटी प्रकाशित पुस्तकों की ही अनुशंसित किया जाये।
उन्होंने कहा कि कक्षा 01 से 08 तक में एनसीईआरटी द्वारा निर्धारित पुस्तकों की पढ़ाई के अ यास/होमवर्क हेतु अ यास पुस्तिका यदि आवश्यक हो तो, किसी अन्य प्रकाशक की लगाई जा सकती है लेकिन यह प्रत्येक कक्षा में दो से अधिक नहीं होगी, ऐसी अनुशंसित पुस्तकों के लिए आवश्यक है कि कम से कम पांच दुकानों पर उपलब्ध हो एवं ऐसी पुस्तकों एवं विक्रेताओं की सूची जिला शिक्षा अधिकारी को 10 अप्रैल 2014 तक उपलब्ध करायी जावें, कांपिया, स्टेशनरी तथा यूनीफार्म किसी विशिष्ट दुकान से क्रय करने हेतु अभिभावकों को बाध्य नहीं करेगें, यदि सी.बी.एस.ई. के पाठ्यक्रम के अतिरिक्त अन्य विषयों पर बच्चों को ज्ञान देते है तो उसमें आपत्ति नहीं है लेकिन उक्त ज्ञान पुस्तकें अनुशंसित किये बिना दिया जावें, अनुविभागीय दण्डाधिकारी, शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ सीबीएसई से संबद्ध विद्यालयों में आकस्मिक निरीक्षण कर देखेगें कि इस आदेश का पालन शैक्षणिक सत्र 2014-2015 में किया गया है अथवा नहीं ? आदेश के उल्लंघन की दशा में विद्यालय के प्राचार्य व प्रबंधक के विरूद्ध शिक्षा विभाग के अधिकारी के द्वारा भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188 के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कराया जाये, इस आदेश की तामीली सी.बी.एस.ई. से संबद्ध समस्त विद्यालयों को जिला शिक्षा अधिकारी के माध्यम से करायी जाकर उसकी पावती अभिलेख में रखी जावें। जिससे उनके विरूद्ध विधिवत कार्रवाई की जा सके।