शिवपुरी। शिवपुरी की महत्वाकांक्षी पेयजल योजना मड़ीखेड़ी जलावर्धना योजना को लेकर होने वाली लेटलतीफी के चलते एक जनहित याचिका एड.पीयूष शर्मा ने हाईकोर्ट में लगाई थी।
इस मामले में अब हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाई है और इस लेटलतीफी को लेकर नाराजगी जताई साथ ही चेतावनी दी है कि आने वाली 21 अप्रैल को इस योजना को लेकर शासन जबाब दें अथवा संबंधित अधिकारी व्यक्तिगत रूप से पेश होने को तैयार रहे। इस आदेश से शिवपुरीवासियों में हर्ष की लहर व्याप्त है कि शीघ्र अतिशीघ्र यह योजना पूर्ण होकर नगरवासियों को इसका लाभ मिल सकेगा।
मामले के अनुसार शिवपुरी शहर में जलावर्धन योजना के तहत पीने का पानी की आपूर्ति के लिए परियोजना तैयार की गई थी और परियोजना की शुरूआत भी हुई और कुछ स्थानों पर पाईप बिछा दिए गए थे लेकिन वर्ष 2008 में शुरू हुई यह परियोजना आज तक पूरी नहीं हो सकी है जबकि शहर में पीने के पानी की किल्लत बढ़ती ही जा रही है।
इस मामले को सर्वप्रथम आम नागरिक एड.पीयूष शर्मा ने उठाया था जिन्होंने जनहित याचिका लगाकर इस अधूरे पड़े निर्माण को शीघ्र पूर्ण किए जाने की मांग की थी जिसे लेकर अब हाईकोर्ट ने स ती दिखाई है और गत दिवस जारी आदेश में शासन की ओर से जबाब मांगा है कि आखिर किन कारणों से योजना लेटलतीफी में है अथवा शासन की ओर से संबंधित अधिकारी व्यक्तिगत रूप से आने वाली 21 अप्रैल को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत होकर अपना जबाब पेश करें।
बताना होगा कि ग्वालियर पीठ के न्यायमूर्ति एस.के.गंगेले व न्यायमूर्ति बीडी राठी की खंडपीठ के समक्ष जनहित याचिका पर गत दिवस बुधवार को सुनवाई हुई जिसमें जनहित याचिका दायर करने वाले एड.पीयूष शर्मा का कहना था कि न्यायालय द्वारा जारी नोटिस पर शासन का रवैया संतोषजनक नहीं है। ऐसे में अब जनता की आस इस आदेश से बंध गई है कि शीघ्र अतिशीघ्र इस योजना के पूर्ण होने की संभावना है।