शिवपुरी। सीहोर थाने में विगत 16 मार्च को जमीनी विवाद के चलते रावत परिवार और केवट परिवार के बीच हुई मारपीट के बाद घायल वृद्ध सीप्रिया की 26 मार्च को मौत हो गई थी। जिसका कारण परिवार वालों ने झगड़े में चोटें आना बताया। जबकि डॉक्टरों ने पीएम रिपोर्ट के बाद मृतक सीप्रिया की मौत का कारण 24 घंटे के अंदर लगी चोट से मृत्यु होना बताया है।
जिससे मामला संदिग्ध हो गया है और पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस को आशंका है कि मृतक के परिजनों ने ही वृद्ध की हत्या की है और वह पुराने जमीनी विवाद में आरोपियों को फंसाने के लिए गलत कहानी बता रहे हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 16 मार्च को मृतक सीप्रिया के पुत्र मनीराम केवट का झगड़ा गांव के रहने वाले एक रावत परिवार के सदस्यों से जमीन को लेकर हुआ था। जिसमें मृतक सीप्रिया को चोटें आई थीं और इसकी रिपोर्ट थाने में कराई गई थी, लेकिन घायल का घर पर उपचार उसके परिजनों ने किया और उसे अस्पताल में भर्ती नहीं कराया। बाद में मृतक को इलाज के लिए शिवपुरी अस्पताल में लाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे स्वस्थ बताकर 26 मार्च को छुट्टी कर दी। उसी दिन उसकी मौत हो गई। उसकी मौत का कारण उसके परिजनों ने झगड़े में आई चोटें होना पुलिस को बताया। पुलिस ने मर्ग कायम कर 27 मार्च को उसका पीएम कराया।
जिसमें डॉक्टरों ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि वृद्ध की मौत 24 घंटे के अंदर लगी चोटों के कारण हुई है। जिस पर पुलिस का शक मृतक के परिजनों पर बढ़ गया है। सीहोर थाना प्रभारी का कहना है कि यह मामला पीएम रिपोर्ट आने के बाद संदिग्ध हो गया है और आशंका है कि मृतक सीप्रिया के परिवार वालों ने 10 दिन पहले रावतों से हुए झगड़े में उन्हें फंसाने के लिए यह कहानी गढ़ी हो। फिलहाल इस पूरे मामले की जांच की जा रही है और जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि आरोपी कौन है? जबकि अज्ञात हत्यारे के खिलाफ 302 का मामला दर्ज कर लिया गया है।
