प्रियदर्शनी ने घूंघट उठाकर कहा: देखिए, मेरे पति का विकास और उन्हे वोट दीजिए

shailendra gupta
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शिवपुरी। मतदान की अब उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। इस चुनाव में कोई विकास के नाम पर वोट मांग रहा है और कोई सांमदवाद के नाम पर वोट मांग रहा है परन्तु सिंधिया की पत्नि प्रियदर्शनी राजे एक नये अंदाज में वोट मांग रही है।

उन्होने ग्रामीण क्षेत्रो की महिलाओ का घूघट उठाकर कहा, देखो मेेरे पति का विकास, और उन्है वोट दो। महरानी की यह अपील ग्रामीण महिलाओं के दिलो को छू रही है।

सेसई सड़क गांव में प्रियदर्शनी राजे की सिंधिया की नुक्कड़ सभा थी। सफेद कलर की कार से जैसे ही  प्रियदर्शनी राजे उतरीं। टैंट के आसपास खड़ी महिलाएं उनका स्वागत करने के लिए फूल मालाएं लेकर दौड़ी। प्रियदर्शनी ने मालाएं ले ली और उन्हें धन्यवाद दिया। प्रियदर्शनी के लिए छोटा सा मंच बनाया गया था। लेकिन जनता के ज्यादा करीब बैठने के लिए वे मंच पर पहुंचने के बजाय लोहे की सीढिय़ों पर ही बैठ गईं।

प्रियदर्शनी के पहुंचते ही पहले कुछ कांग्रेस नेताओं ने माइक संभाला। इस बीच प्रियदर्शनी महिलाओं के बीच मुस्कराती रहीं। थोड़ी देर बाद प्रियदर्शनी ने अपनी बात महिलाओं के सामने रखी। कुछ देर अपनी बात कहने के बाद वे समझ गईं कि महिलाएं कुछ कहना चाहती हैं। वे महिलाओं तक पहुंच गई। थोड़ी ही देर में ऐसा लगने लगा जैसे सब आपस में घुलमिल गए हों। घूंघट की आड़ में बैठी महिलाएं महारानी को अपनी समस्याएं बताने लगीं। प्रियदर्शनी ने अपने हाथों से उनका घूंघट हटाकर कहा कि मुझे देखिए  ताकि मैं भी आपको देख सकूं। बातचीत का दौर ऐसा शुरू हुआ कि वे महिलाओं के साथ नीचे ही फर्श पर बैठ गईं।

ज्योतिरादित्य सिंधिया पांच साल आपके बीच आते हैं। आपकी समस्याओं को दूर करने का प्रयास करते हैं। आपसे परिवार की तरह मिलकर सुख.दुख में शामिल होते हैं।  
हमारा और आपका बरसों पुराना परिवार का रिश्ता है। इस घूंघट को भी उठाईये और मेरे पति के विकास को भी देखिये और उन्हे वोट देकर आगामी समय भी आपके सपने साकार करने का मौका फिर दिजिए।

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