शिवपुरी। जिले के इंदार थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम टीला निवासी बलवीर आदिवासी पुत्र सिरनाम आदिवासी ने एक नाबालिग बालिका के साथ दुष्कृत्य की घटना में आरोप सिद्ध होने पर आरोपी को विद्धान न्यायाधीश रमेश श्रीवास्तव ने आज 10 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 500 रूपए के अर्थ दण्ड से दण्डित किया है अर्थ दण्ड न दिये जाने पर एक माह का कारावास अतिरिक्त भुगताना होगा।
अभियोजन के अनुसार घटना दिनांक 27.5. 2013 को सुबह आठ बजे हनुमान कॉलोनी बदरवास में बलवीर आदिवासी पुत्र सिरनाम आदिवासी निवासी टीला ने संजय खण्डेय (आदिवासी) की नाबालिग पुत्री सीमा दुष्कृत्य की घटना को अंजाम दे दिया। इस बात रिपोर्ट उसके पिता ने इंदार थाने में जाकर की जिस पर सेे पुलिस आरोपी के खिलाफ धारा 363,366, 376 का प्रकरण दर्ज कर मामला न्यायालय के सुपुर्द कर दिया।
जिस पर से आज विद्धान न्यायाधीश ने आरोपी को दोषी करार देते हुए उसे धारा 366 में दोष मुक्त किया वहीं, 363 में तीन वर्ष का सश्रम कारावास एवं 500 रूपए अर्थ दण्ड से दण्डित किया है न देने पर एक माह कारावास पृथक से भुगताना होगा। वहीं धारा 376 में दस वर्ष के सश्रम कारावास एवं 500 रूपए के अर्थ दण्ड से दण्डित किया है।
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