नागरिक आपूर्ति निगम की लापरवाही से हो रहा राजस्व को नुकसान

0
शिवपुरी। इसे मिलीभगत कर स्वयं के निजी स्वार्थों की पूर्ति कहेंं या विभागीय घाटे से कोई फर्क ना पडऩे वाली बात क्योंकि इन दिनों नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा किया जाने वाला परिवहन ना केवल विभाग को नुकसान में पहुंचा रहा है वरन् ऐसा करने वाले विभाग के नुकसान की फिक्र छोड़ अपने स्वार्थों की पूर्ति करने में लगे हुए है।

इस संबंध में विभाग के एम.डी. चन्द्रहास दुबे का कहना है कि वह टीम बनाकर जांच कराऐंगें लेकिन अब तक ऐसी कोई टीम बनी है इसकी कोई सुगबुगाहट नहीं है ऐसे में कहीं ऊपरी से लेकर नीचे तक सेटलमेंट करने की योजना तो नहीं चल रही, यह चर्चा अब सब दूर सुनाई देने लगी है। विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में मामले की जानकारी होने के बाद भी शिवपुरी में डीएम और ठेकेदार द्वारा पहुंचाए जा रहे नागरिक आपूर्ति निगम के घाटे की भरपाई करने में विभाग भी असमर्थ बनकर अंजान बना बैठा है जिससे पूरा मामला जांच का केन्द्र बिन्दु बने तो संभव: है कई बड़े खुलासे इस मामले को हों।

यहां बताया गया है कि क्रास मूमेंट को रोककर राजस्व बढ़ाने वाले कार्य यदि किए जाए तो विभाग भी लाभ की स्थिति में रहेगा लेकिन जानकारों की मानें तो वर्तमान समय में क्रास मूमेंट को रोकने के लिए विभाग द्वारा कोई गाईडलाईन नहीं बनाई जा रही जिससे विभाग के ही शिवपुरी में डीएम व ठेकेदार अपने स्वार्थो की पूर्ति कर विभाग को घाटा पहुंचाने में कोई कमी नहीं कर रहे है। बताया जाता है कि वर्तमान समय में नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा गेहॅंू का परिवहन सीधे श्योपुर से पिछोर-करैरा भेजा जाए तो इससे विभाग को ही लाभ होगा क्योंकि विभागीय कार्यप्रणाली के अनुसार यदि 100 किमी से अधिक की दूरी परिवहन में आती है तो भाड़ा में कमी आती है।

ऐसे मे भाड़ा महज 60 रूपये होता है लेकिन इसे क्रास मूमेंट कराकर परिवहन कर श्योपुर से शिवपुरी माल भेजा जा रहा है और फिर शिवपुरी से करैरा-पिछोर जिससे भाड़ा में भी बढ़ोत्तरी हो रही है जिसमें 80 रूपये भाड़ा बनता है इस प्रकार यदि श्योपुर से करैरा-पिछोर की दूरी देखी जाए तो लगभग 198 रूपये होती है और इसमें भाड़े की दर 60 रूपये होगी लेकिन इसे श्योपुर से शिवपुरी ड प कर फिर करैरा-पिछोर भेजा जा रहा है जबकि शिवपुरी से पिछोर के लिए भाड़ा 80 रूपये बनता है इस प्रकार कुल श्योपुर से शिवपुरी तक 60 और शिवपुरी से पिछोर तक 80 रूपये भाड़ा सहित कुल 140 रूपये होता है लेकिन राजस्व को लाभ की स्थिति में लाना है तो इसके लिए सीधे श्योपुर से पिछोर माल भेजा जा सकता है जिसका भाड़ा महज 60 रूपये बनेगा। लेकिन विभाग के डीएम और ठेकेदार स्वयं के लाभों को देखते हुए जान बूझकर क्रॉस मूमेंट करा रहा है। बताना मुनासिब होगा कि अब इस मामले में शीघ्र कार्यवाही की दरकार है क्योंकि विभागीय घाटे की पूर्ति को रोकने के लिए क्रास मूमेंट का रोका जाना अति आवश्यक है और यदि कोई ऐसा करता है तो उसके विरूद्ध शीघ्र कार्यवाही भी की जाना चाहिए।

इनका कहना है-
हमने मामले को गंभीरता से लिया है और मामले की जांच के लिए टीम भी बनाई जा रही है यदि क्रास मूमेंट कर राजस्व को नुकसान हो रहा है तो इसे रोका जाएगा और कोई ऐसा कर रहा है तो उसके खिलाफ कार्यवाही भी की जाएगी। मामले की जांच कराकर शीघ्र कार्यवाही करेंगें।
चन्द्रहास दुबे 
एम.डी.
नागरिक आपूर्ति निगम, भोपाल

Tags

Post a Comment

0Comments

Please Select Embedded Mode To show the Comment System.*

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!