शिवपुरी। शहर में निजी विद्यालयों द्वारा फीस वृद्धि व कोर्स की किताबों के नाम पर की जा रही लूट खसोट को लेकर बुधवार को कई पालकों ने जिला प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा। पालक संघ की मांग थी कि इस समय कई निजी विद्यालय अपनी मनमानी कर रहे हैं। राज्य शिक्षा केंद्र व सीबीएसई के नियमों को दरकिनार कर फीस वृद्धि कर दी गई है। इसी तरह किताबें व ड्रेस के लिए भी दबाव बनाकर अधिक राशि ली जा रही है।
बुधवार को एक दर्जन से अधिक विभिन्न छात्रों के पालकों ने कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। इन पालकों ने जिला प्रशासन से कहा कि निजी विद्यालयों में एनसीईआरटी व मप्र पाठयपुस्तक निगम की पुस्तकें ही उपयोग की जाएं। मगर इनका पालन नहीं हो रहा है। फीस वृद्धि के लिए पालक संघ से परामर्श एवं शिक्षा निदेशालय से सहमति के उपरांत ही 5 प्रतिशत तक ही फीस बढ़ाने का अधिकार है। जबकि फीस वृद्धि 20 प्रतिशत तक कर दी गई है। पालक संघ का कहना है कि निजी विद्यालयों के खिलाफ लगातार मनमानी के मामले सामने आ रहे हैं मगर फिर भी कोई कार्रवाई इन पर नहीं हो रही है।
इस समय अधिकांश निजी विद्यालयों ने मनमाने अंदाज में 20 से 30 प्रतिशत तक फीस बढ़ा दी है। इसी तरह ड्रेस व किताबों के लिए कुछ ही दुकानें पर से यह सामग्री खरीदने के ऑर्डर दिए गए है। निजी प्रकाशकों की किताबों में इनके रेट भी 100 से 250 रुपए तक रखे गए है। नर्सरी से कक्षा 12 तक की किताबें हजारों रुपए की थमाई जा रही है इसके अलावा प्रिंट रेट पर ही माल बेचा जा रहा है। पालकों ने आरोप लगाया कि अगर कोई विरोध करता है तो उसके बालक को स्कूल से बाहर निकालने की धमकी दी जाती है।