भू माफिया ने हथियाई करोडों की जमीन प्रशासन देखते हुए मौन

shailendra gupta
शिवपुरी- वैसे तो मध्यप्रदेश शासन के ईमानदार जनकल्याण का सदैव अपने ह्दय में सपना संजोने वाले किसान पुत्र शिवराजसिहं जी चौहान मुख्यमंत्री के आदेश एवं निर्देश की धज्जियां प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के सहयोग से सफेद खद्दाधारी उन्ही के पार्टी के नेताओं के साथ विपक्षी पार्टी के नेता भी सरेआम बेहिचक बेपरवाह होकर मिलजुलकर शासकीय जमीनों पर अतिक्रमण कर भवन निर्माण कर रहे है।

जिले की करैरा सहकारी सोसायटी की पांच बीघा शासकीय जमीन थी जो करैरा के एक कुशवाह परिवार ने सहकारी संस्था को दान स्वरूप दी थी आज वर्तमान में करैरा सहकारी संस्था मार्केटिगं सोसायटी के पास मात्र 100 बाई 100 से अधिक जमीन नहीं है। शेष जमीन पर कभी कांग्रेसियों ने तो कभी भाजपाईयों ने कब्जा किया है। और सहकारी संस्था की जमीन को फ र्जी दस्तावेज तैयार करवाकर हथियाया है। दूसरी ओर प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी इन खदॅदाधारी नेताओं के सामने हाथ जोडकर विनती करते है।

क्या ऐसे अधिकारियों से उम्मीद है कि शासन हित में एवं जनसाधारण को कोई न्याय दिला पायेगें। करैरा नगर पंचायत में आजकल नेताओं को जमीन का धंधा अच्छा लग रहा है। यह निश्चित रूप से शासन की जमीन को खुर्दवुर्द कररहे है। और यहां का प्रशासन मूंक दर्शक बनकर सबकुछ देख रहा है।

देखा जाए तो इस भूमि के पीछे सर्वाधिक रूप से भाजपा के एक प्रभावशाली नेता का संरक्षण प्राप्त है जिसने अपने बलबूते पर जिला कलेक्टर तक को इस भूमि की बाउण्ड्री तोड़कर रास्ता निकालने की बात कही थी और कलेक्टर के आदेश पर तुरंत एसडीएम ने भी यहां की बाउण्ड्रीबाल तुड़वाकर यहां करोड़ों की भूमि के द्वार खोल दिए और आज इस भूमि के एक-एक प्लॉट की अच्छी खासी कीमत भू-माफिया कमा रहा है और इसका कुछ हिस्सा भाजपा के इस प्रभावशाली नेता की जेब में भी जा रहा है यही वजह है कि यहां बीते 25 वर्ष पुराना तिरंगा लहराने वाले स्टैचू को भी हटा दिया गया है और अब यहां करोड़ों की भूमि का लेन-देन जोरों पर है।

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