शिवपुरी। जिले के कोलारस क्षेत्रान्तंर्गत आने ग्राम श्रीनगर निवासी एक आदिवासी महिला के पति की उपचार के दौरान जिला चिकित्सालय में मौत हो जाने के बाद उसे कोई भी सहारा देने वाला व्यक्ति नहीं मिला। जो उसके मृत पति के शव को सहारा देकर एम्बूलेंस तक पहुंचा सके।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कोलारस क्षेत्र के श्रीनगर नाम ग्राम की आदिवासी महिला गौमती आदिवासी उम्र 50 वर्ष पत्नि करण आदिवासी की तबियत खराब हो जाने के कारण उसे इलाज के लिए जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया। जहां उपचार के दौरान उसकी पति करण आदिवासी की मौत हो गई।
जिला चिकित्सालय में मौत हो जाने के बाद गोमती आदिवासी को ऐसा कोई व्यक्ति नहीं मिला जो उसके पति के शव को एम्बुलेंस तक पहुंचाने में सहयोग कर सके। जैसे तैसे 50 वर्षीय आदिवासी महिला अपने पति के शव को एम्बूलेंस तक लेकर आई। जबकि जिला चिकित्सालय में पदस्थ वार्ड वाय का यह कर्तव्य बनता है कि जिस मरीज की अस्पताल में मौत हो जाती है तथा उसके अटेण्डर के साथ कोई व्यक्ति न होने पर मृत शरीर को एम्बूलेंस तक पहुंचाने में मदद करें। लेकिन वार्ड वाय द्वारा ऐसा नहीं किया गया।
उस समय ऐसा दर्दनाक मंजर सामने आया जब अपने मृत पति के शरीर को लेकर अकेली आदिवासी महिला एम्बुलेंस तक लेकर आई जिसे देखकर ऐसा लगता है कि मानवीय संवेदनायें मृत प्राय हो चुकी हैं।
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