अहमदाबाद। केग की शुक्रवार को पेश रिपोर्ट ने देश भर में खलबली मचा दी
है. कोयला खदानों के निजी कंपनियों को किए गए आवंटन में भारी घोटाला उजागर
हुआ है, जबकि इस घोटाले में दैनिक भास्कर, दिव्य भास्कर ग्रुप की डीबी पावर
लि. कंपनी भी शामिल होने की बात भी आई है. सरकार ने अपने स्वामित्व की
कोयला खदान आवंटित कर सरकारी तिजोरी को 1.86 लाख करोड़ का नुकसान पहंचाए
जाने का अनुमान है.
एक क्षेत्रीय भाषा के अखबार ने उजागर किया है कि अखबार के दम पर पिछले
दरवाजे से कोयला ब्लाक का आवंटन कर डी.बी. पावर सहित अनेक कंपनियों का रुपए
1.86 करोड़ का घोटाला आश् चर्यजनक है. उल्लेखनीय है कि भास्कर ग्रुप के
रमेश अग्रवाल की कंपनी भी इस घोटाले में शामिल है. केग की रिपोर्ट के
मुताबिक, डी.बी. पावर को 6 नवंबर 2007 को छत्तीसगढ़ स्थित दुर्गापुर-2 और
सरिया के दो ब्लॉक गैर-कानूनी रुप से आवंटित किए गए थे. इस रिपोर्ट के पेश
होने के बाद पत्रकारिता जगत और राजनीतिक गलियारों में भास्कर ग्रुप को लेकर
चर्चाएं तेज हो गई हैं.

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