शिवपुरी। शहर में श्रावण मास के अंतिम सोमवार को स्थानीय ऊॅं शांति श्रीगुरू आश्रम देवकीनंदन धाम ठकुरपुरा पर पं.दिनेशचन्द्र शास्त्री द्वारा पूजन-अर्चना के साथ महारूद्राभिषेक कराया गया। इस अवसर पर मंदिर पर आने वाले भक्तों को यह पुण्य लाभ अर्जित करने वाले पं.दिनेशचन्द्र शास्त्री ने मंत्रोच्चारण विधि से विधान कराया। वहीं आश्रम के संत श्री जगदीशानन्द ने भी भगवान भोलेनाथ के रूद्राभिषेक के बारे में कहानियों व कथाओं के माध्यम से भक्तों का कल्याण किया।
इस अवसर पर भगवान शिव की महिमा का बखान करते हुए पं.दिनेशचन्द्र शास्त्री बनारस वाले ने बताया कि श्रावण मास के प्रति सोमवार को किया जाने वाला रूद्राभिषेक हमेशा परिवार में सुख-शांति और यश-वैभव प्रदान करने वाला होता है जो भी उपासक श्रावण मास में प्रति सेामवार को भगवान भोलेनाथ के मंदिर जाकर उन्हें बेलपत्र अर्पित करता है तो उसकी हर मनोकामना पूर्ण हेती है श्रावण मास ही एक ऐसा समय होता है जब भगवान भोलेनाथ अपने भक्तों के की ईश्वरीय भक्ति से प्रसन्न होकर उन्हें सुख-शांति, यश-वैभव से परिपूर्ण करते है।
स्थानीय ठकुरपुरा के ऊॅं शांति श्री गुरू आश्रम देवकीनंदन धाम पर श्रावण मास के अंतिम सोमवार को महारूद्राभिषेक पूजन-अर्चन कर संपन्न कराया। इस अवसर पर आश्रम के संत जगदीशानन्द भी विराजमान रहे जिन्होंने जन-कल्याण को अपनी आशीर्वाद से कृतार्थ किया।
संत श्री जगदीशानन्द ने भी भगवान भोलेनाथ की आराधना करते हुए बताया कि श्रावण मास ही नहीं यदि प्रति सेामवार को भी हम भगवान भोलेनाथ को जल अर्पण व बेलपत्र और रूद्राभिषेक करें तो इसका फल भी बड़ा सुखदायी होता है। यहां बता दें कि ऊॅं शंाति आश्रम पर ओशो मित्र मण्डल द्वारा श्रावण के अंतिम सोमवार को ओशो श्रावण महोत्सव भी मनाया गया। यहां ओशोप्रेमियों ने अपनी ईश्वरीय भक्ति नृत्योत्सव के माध्यम से प्रकट की।

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