मंदिर में दर्शन करें, प्रदर्शन नहीं: आचार्य सौभाग्य सागर

shailendra gupta
0
शिवपुरी. मंदिर में भगवान के दर्शन करें और उनकी पूजा, आरती व गुणानुवाद कर उनके जीवन से कुछ अंगीकार करें। यदि हम इस भावना के साथ भगवान का दर्शन करेंगे तो निश्चित रूप से हमें मुक्ति की राह प्रकट होगी और यदि प्रदर्शन के लिए हम मंदिर आते रहे तो इस संसार से हम कभी भी मुक्त नहीं हो सकते। यह विचार आचार्य सौभाग्य सागर महाराज ने छत्री जैन मंदिर पर सोमवार सुबह धर्मसभा को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।

उन्होंने कहा कि जब हम मंदिर में भगवान के दर्शन करने घर से निकलते हैं तो हमारा प्रथम लक्ष्य यह होना चाहिए कि हम ईश्वर की प्रतिमा को अपलक निहारकर उन जैसे बनने की कामना करें और मंदिर में आकर भगवान की मुद्रा को देख स्वयं का आत्मावलोकन करें। यदि इस ढंग से जीवन जिया जाए तो यह श्रेयस्कर होगा। धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनिश्री सुरत्न सागर महाराज ने कहा कि व्यक्ति के पास आज समय की बेहद कमी है। सांसारिक और भौतिक वस्तुओं को प्राप्त करने के लिए तो उसके पास समय है लेकिन खुद के लिए समय नहीं है। यही कारण है कि जिस व्यक्ति को सुबह उठकर सबसे पहले भगवान के दर्शनकरना चाहिए वह दूरदर्शन या टीवी देखकर संसार का दर्शन करना प्रारंभ कर देता है ऐसे में व्यक्ति कैसे आध्यात्म से जुड़ेगा।
 

पाद प्रक्षालन, आरती और विनयांजलि आज

गुरूपूर्णिमा के अवसर पर जैन समाज शिवपुरी द्वारा छत्री जैन मंदिर पर 3 जुलाई को प्रात: 8:30 बजे से गुरूपूर्णिमा महोत्सव मनाया जाएगा। इस दौरान तपस्वी सम्राट आचार्य सनमति सागर महाराज का पूजन-अर्चन होगा तत्पश्चात आचार्य श्री के पाद प्रक्षालन आरती और विनयांजलि के साथ धर्मसभा में आचार्य एवं मुनि महाराज द्वारा इस पर्व की महत्ता पर विस्तार से प्रकाश डाला जाएगा।

Tags

Post a Comment

0Comments

प्रतिक्रियाएं मूल्यवान होतीं हैं क्योंकि वो समाज का असली चेहरा सामने लातीं हैं। अब एक तरफा मीडियागिरी का माहौल खत्म हुआ। संपादक जो चाहे वो जबरन पाठकों को नहीं पढ़ा सकते। शिवपुरी समाचार आपका अपना मंच है, यहां अभिव्यक्ति की आजादी का पूरा अवसर उपलब्ध है। केवल मूक पाठक मत बनिए, सक्रिय साथी बनिए, ताकि अपन सब मिलकर बना पाएं एक अच्छी और सच्ची शिवपुरी। आपकी एक प्रतिक्रिया मुद्दों को नया मोड़ दे सकती है। इसलिए प्रतिक्रिया जरूर दर्ज करें।

Post a Comment (0)

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!