श्री मंशापूर्ण हनुमान मंदिर पर भगवान श्रीमद भागवत कथा का आयोजन

shailendra gupta
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शिवपुरी। सारे संसार की रखवाली करने वाले हमारे ईष्टï भगवान ने हमेशा सभी का कल्याण किया है और कर भी रहे है इस संसार में जीव परमात्मा का एकीकरण ही रास है रास के महत्व को भी समझना अपने आप में बड़ा कठिन है क्योंकि रास कोई नाचने गाने वाली चीज नहीं है अपितु यह तो जीव और परमात्मा का एकीकरण ही रास(रसानां समूहों इति रास) अर्थात् रसों के समूह को भी रास कहा जाता है। रास की यह व्याख्या कर रहे थे श्योपुर नागदा से शिवपुरी पधारे बाल व्यास पुनीत जी महाराज जो स्थानीय श्रीमंशापूर्ण मंदिर पर छोटेलाल, मनोज कुशवाह परिवार द्वारा आयोजित संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा के माध्यम से धर्मलाभ अर्जित कर रहे है। ज्यों-ज्यों कथा समापन की ओर है भक्तों का सैलाब दिन प्रतिदिन कथा स्थल पर बढऩे लगा है।

श्री मंशापूर्ण हनुमान मंदिर पर धर्मज्ञान के उपदेश का धर्मलाभ दिलाने के लिए छोटेलाल कुशवाह, मनोज कुशवाह, रामजी लाल नेताजी, धनीराम, गंगाराम,कैलाश, राजू व सोनू कुशवाह परिवार द्वारा संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन श्री मंशापूर्ण मंदिर पर किया गया। जहां व्यासपीठ से कथा श्रवण करा रहे बाल व्यास पुनीत जी महाराज ने आज कथा में रास महालीला और प्रभु की विभिन्न लीलाओं के वर्णन को बड़े ही सारगर्भित शब्दों में सुनाया। 

बाल व्यास पुनीत जी महाराज ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी लीलाओं के माध्यम से जो रासलीलाऐं की वह संसारी प्राणी के कल्याण के लिए ही थी भगवान तो भाव के भूखे होते है जो कि हमेशा किसी न किसी रूप में आकर जन-जन का कल्याण करते है। इन्हीं लीलाओं से रास शब्द बना रास का अर्थ है जीव और परमात्मा का एकीकरण अर्थात् रसों के समूह को भी रास कहा जाता है। बाल व्यास पुनीत जी ने बताया कि भगवान ने गोपियों के अज्ञान रूपी वस्त्रों का हरण कर उन्हें ज्ञान स्वरूपी वस्त्रों को वापस किया।

 कथा में ही पुनीत जी महाराज ने गिर्राज गोवर्धन पूजा का भी विस्तृत वर्णन धर्मप्रेमीजनों को सुनाया। अंत में गिर्राज पूजा पर प्रकाश डालते हुए आचार्य श्री ने अनेक राग रागिनियों के माध्यम से चौपाई एवं भजनों द्वारा श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। कुशवाह परिवार द्वारा आयोजित कथा प्रांगण स्थल पर प्रतिदिन भक्तों का सैलाब उमड़ रहा है जहां पहुंचे लोगो ने धर्मलाभ उठाया बारिश के चलते कथा देर रात्रि 11 बजे तक अनवरत रूप से जारी रही तत्पश्चात आरती कर कथा को विश्राम दिया गया।  भागवत कथा में पधारे शास्त्री महावीर प्रसाद ज्योतिषाचार्य ने सभी धर्मप्रेमीजनों से बाल व्यास पुनीत जी महाराज के श्रीमुख से कथा धर्म लाभ लेने के लिए मोबा.09826087695,09950626427 पर संपर्क कर सकते है।
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